ट्रंप के बयान से शेयर बाजार में कोहराम: सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, निवेशकों के 4 लाख करोड़ डूबे

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट आई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज करने और कच्चे तेल की कीमतों में $105 तक की बढ़ोतरी के कारण सेंसेक्स 1000 अंक से अधिक गिर गया, जिससे निवेशकों को 4 लाख करोड़ का नुकसान हुआ।

भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार का दिन बेहद निराशाजनक रहा, जहां शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों को भारी बिकवाली का सामना करना पड़ा। दलाल स्ट्रीट पर सप्ताह की शुरुआत लाल निशान के साथ हुई और देखते ही देखते बाजार में हड़कंप मच गया। शुरुआती सत्र में ही प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में 1 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी 50 भी पूरी तरह से लाल निशान में कारोबार करता नजर आया। इस भारी गिरावट के पीछे मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान रहा जिसने वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव को एक बार फिर हवा दे दी है। ट्रंप के बयान के बाद निवेशकों में घबराहट फैल गई और बाजार खुलते ही सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा नीचे लुढ़क गया।

बाजार में गिरावट के प्रमुख आंकड़े और समय

37 फीसदी की भारी गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था। 42 के स्तर पर पहुंच गया था। इस तेज गिरावट के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के मार्केट कैपिटलाइजेशन में भी बड़ी कमी आई और आंकड़ों के अनुसार, बाजार खुलने के कुछ ही समय के भीतर आम निवेशकों की संपत्ति में करीब 4 लाख करोड़ रुपये की भारी कमी आई और यह राशि पूरी तरह से स्वाहा हो गई। निफ्टी 50 में भी इसी तरह का दबाव देखा गया, जिससे बाजार का सेंटीमेंट पूरी तरह से नकारात्मक हो गया।

ट्रंप का बयान और अमेरिका-ईरान तनाव

शेयर बाजार में इस कोहराम की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तल्खी है। दोनों देशों के बीच संभावित शांति वार्ता की उम्मीदों को उस समय बड़ा झटका लगा जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा दिए गए शांति प्रस्ताव को पूरी तरह से खारिज कर दिया। ट्रंप ने इस प्रस्ताव को 'अस्वीकार्य' करार दिया। फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों का मानना है कि बातचीत के पटरी से उतरने के बाद अब वॉशिंगटन, तेहरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के लिए और भी अधिक आक्रामक रुख अपना सकता है। इसके अलावा, ट्रंप ने यह संकेत भी दिए हैं कि अमेरिका, ईरान के पास बचे हुए एनरिच्ड यूरेनियम पर कब्जा करने की दिशा में पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, जिससे युद्ध की आशंकाएं और बढ़ गई हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और सोने के शेयरों में गिरावट

वैश्विक तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। 5% की उछाल के साथ लगभग $105 प्रति बैरल पर पहुंच गईं। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह एक बड़ा नकारात्मक संकेत है, जिसका असर शेयर बाजार पर स्पष्ट रूप से दिखा। दूसरी ओर, 11 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए एक बयान के बाद ज्वेलरी शेयरों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। पीएम मोदी ने अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सोने की खरीद और विदेश यात्रा को टालने का सुझाव दिया था। इसके अगले ही दिन Titan और Senco Gold जैसे प्रमुख ज्वेलरी शेयरों में 9% तक की गिरावट देखी गई।

बाजार में मची इस अफरा-तफरी के बीच निवेशक अब वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारतीय बाजार के लिए आने वाले समय में और भी चुनौतियां पैदा कर सकती हैं। फिलहाल, दलाल स्ट्रीट पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है और निवेशकों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है।