शुद्ध आहार मिलावट पर बड़ा एक्शन: जयपुर में 520 किलो पनीर नष्ट और कई प्रतिष्ठानों को नोटिस

त्योहारी सीजन के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने जयपुर में 'शुद्ध आहार–मिलावट पर वार' अभियान के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। केंद्रीय दल और जयपुर प्रथम व द्वितीय की टीमों ने राजापार्क, विवेकानंद कॉलोनी, बस्सी, सीतापुरा, झोटवाड़ा और वैशाली नगर में निरीक्षण कर 520 किलो खराब पनीर नष्ट किया और कई नमूने जांच के लिए भेजे।

त्योहारी सीजन के मद्देनजर आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने 'शुद्ध आहार–मिलावट पर वार' अभियान के तहत अपनी जांच गतिविधियों को और अधिक तेज कर दिया है। इसी क्रम में हाल ही में केंद्रीय दल के साथ-साथ जयपुर प्रथम और जयपुर द्वितीय की विशेष टीमों ने राजधानी जयपुर और उसके आसपास के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित कई प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस व्यापक निरीक्षण अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।

खाद्य सुरक्षा आयुक्त अविचल चतुर्वेदी ने इस पूरी कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि अभियान के दौरान केंद्रीय दल ने राजापार्क क्षेत्र में स्थित एक प्रसिद्ध डेयरी के दो अलग-अलग प्रतिष्ठानों के साथ-साथ विवेकानंद कॉलोनी स्थित उसके मुख्य गोदाम का भी गहन निरीक्षण किया और इस निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम ने मौके पर गंभीर अनियमितताएं पाईं और कार्रवाई करते हुए कुल 520 किलोग्राम पनीर को मौके पर ही पूरी तरह से नष्ट करवा दिया। इसके अलावा, मौके से पनीर के दो संदिग्ध नमूने भी एकत्र किए गए जिन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है ताकि उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की पुष्टि की जा सके।

विवेकानंद कॉलोनी गोदाम पर खाद्य लाइसेंस की अनुपस्थिति

जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि विवेकानंद कॉलोनी में स्थित संबंधित गोदाम के पास किसी भी प्रकार का वैध खाद्य लाइसेंस नहीं पाया गया। बिना लाइसेंस के खाद्य सामग्री का भंडारण और संचालन किए जाने के कारण इस मामले में नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, पनीर की आपूर्ति से जुड़े दस्तावेजों और बिलों की भी जांच की जा रही है जिसमें कई अन्य प्रतिष्ठानों के नाम भी सामने आए हैं और विभाग अब इन सभी उपलब्ध बिलों और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर पनीर की आपूर्ति से जुड़े सभी तथ्यों की गहराई से जांच करेगा ताकि मिलावट के इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भी इस श्रृंखला से जुड़े दो अलग-अलग ब्रांडों के पनीर के नमूने लिए गए थे, जो कि प्रयोगशाला में हुई जांच के दौरान निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप बिल्कुल नहीं पाए गए थे। बार-बार मानकों पर खरा न उतरने के कारण विभाग ने इस बार और अधिक सख्त रुख अपनाया है और दोषियों के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।

औद्योगिक इकाइयों में गंभीर कमियां और सुधार नोटिस

दूसरी ओर, जयपुर द्वितीय की विशेष टीम ने बस्सी के हीरावाला औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक खाद्य निर्माण कंपनी का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान निर्माण इकाई के भीतर साफ-सफाई का भारी अभाव पाया गया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों द्वारा काम के दौरान किसी भी प्रकार की कैप और एप्रन का उपयोग नहीं किया जा रहा था, जो कि खाद्य सुरक्षा के नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस की जांच भी नहीं करवाई गई थी और उत्पादन प्रक्रिया में इस्तेमाल किए जा रहे पानी की गुणवत्ता की भी कोई जांच नहीं कराई गई थी।

इन तमाम कमियों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा टीम ने मौके से मिश्री का एक आधिकारिक नमूना जांच के लिए लिया और प्रतिष्ठान के संचालक को तुरंत प्रभाव से सभी कमियों को दूर करने के कड़े निर्देश दिए। विभाग की ओर से इस प्रतिष्ठान को सुधार नोटिस जारी करने की औपचारिक कार्रवाई भी की जा रही है।

विभिन्न क्षेत्रों से लिए गए अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने

निरीक्षण अभियान के दौरान जयपुर के विभिन्न इलाकों से अन्य खाद्य उत्पादों के भी नमूने एकत्र किए गए। बस्सी स्थित एक बूरा उद्योग से मिश्री का नमूना लिया गया। इसी प्रकार सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक अन्य फूड प्रतिष्ठान से व्हाइट ब्रेड और बॉम्बे पाव ब्रेड के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। हीरावाला औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक अन्य प्रतिष्ठान से नमकीन भुजिया और रिफाइंड पामोलीन तेल के नमूने भी जांच के लिए सुरक्षित किए गए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि त्योहारी सीजन में बिकने वाला तेल और नमकीन पूरी तरह से सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण हैं।

ड्राई फ्रूट्स, दूध और मिठाइयों की भी हुई कड़ी जांच

राजधानी के अन्य हिस्सों में भी खाद्य सुरक्षा टीमों ने अपनी सक्रियता बनाए रखी। जयपुर प्रथम की टीम ने झोटवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक बड़े ड्राई फ्रूट्स प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। इस प्रतिष्ठान में भी कुछ कमियां पाई गईं जिन्हें दूर करने के लिए मौके पर ही सुधार नोटिस जारी किया गया और इस प्रतिष्ठान से डिहाइड्रेटेड ड्राई फ्रूट्स, नारियल पाउडर, बादाम और पिस्ता के महत्वपूर्ण नमूने जांच के लिए लिए गए।

इसके अतिरिक्त, वैशाली नगर क्षेत्र में स्थित एक प्रसिद्ध दूध और पनीर भंडार का निरीक्षण किया गया जहां से दूध, मिल्क केक और पनीर के नमूने एकत्र किए गए। वहीं, मोती डूंगरी रोड पर स्थित एक प्रतिष्ठित मिष्ठान भंडार से मावा मिठाई का नमूना भी जांच के लिए लिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग की इन लगातार और सख्त कार्रवाइयों से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है, और विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारी सीजन के दौरान मिलावट के खिलाफ यह अभियान पूरी सख्ती के साथ आगे भी जारी रहेगा।