टाइमिंग से लेकर खुलासे तक… सुवेंदु अधिकारी के PA की हत्या को 10 घंटे से ज्यादा, अब तक क्या-क्या हुआ?

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मध्यमग्राम में हुई इस वारदात में विदेशी हथियार के इस्तेमाल की आशंका है। भाजपा ने इसे 'टारगेट किलिंग' बताया है, जबकि टीएमसी ने सीबीआई जांच की मांग की है।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य में 4 मई के बाद से हिंसा की 400 से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं और कई लोगों की हत्या भी की गई है। इसी कड़ी में बुधवार देर रात उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और उनके निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। भाजपा ने इसे एक सोची-समझी "टारगेट किलिंग" करार दिया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस मामले की सीबीआई (CBI) से जांच कराने की मांग की है।

वारदात का घटनाक्रम और हमलावरों की रणनीति

घटना बुधवार रात की है जब चंद्रनाथ रथ अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से मध्यमग्राम स्थित अपने आवास लौट रहे थे। रात करीब 10:10 बजे उनकी गाड़ी मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके में दाखिल हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोहरिया जंक्शन के पास एक छोटी कार ने उनकी एसयूवी को रोका। इसके तुरंत बाद बाइक पर सवार हमलावरों ने रात 10:15 बजे गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने बेहद करीब से गोलियां चलाईं और फिर अपनी कार वहीं छोड़कर मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए। सूत्रों के अनुसार, हमलावर काफी देर से उनकी गाड़ी का पीछा कर रहे थे और इस हत्याकांड में ऑस्ट्रियन ग्लॉक जैसी विदेशी पिस्टल का इस्तेमाल किए जाने की संभावना है।

अस्पताल में हंगामा और पोस्टमार्टम की तैयारी

ताबड़तोड़ फायरिंग की वजह से स्कॉर्पियो के अंदर चंद्रनाथ रथ बुरी तरह जख्मी हो गए थे और उनके ड्राइवर भी खून से लथपथ थे। रात 10:40 बजे उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चंद्रनाथ को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के डॉक्टर के अनुसार, उनके सीने पर गोली के दो घाव थे और एक गोली पेट के हिस्से में लगी थी। उनके ड्राइवर बुद्धदेव बेर की हालत भी गंभीर बनी हुई है और उन्हें कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हत्या की जानकारी मिलते ही रात 11 बजे बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता अस्पताल के बाहर पहुंच गए और वहां हंगामा किया। चंद्रनाथ के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा बारासात अस्पताल में किया जाएगा, जहां सुवेंदु अधिकारी के भी मौजूद रहने की संभावना है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और पुलिस की कार्रवाई

सुवेंदु अधिकारी ने इस हत्या को "दिल दहला देने वाली" बताते हुए आरोप लगाया कि हमलावरों ने हमला करने से पहले रेकी की थी। हालांकि, उन्होंने किसी संगठन का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया और कार्यकर्ताओं से कानून हाथ में न लेने की अपील की और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इसे राज्य में "राजनीति के पूरी तरह से अपराधीकरण" का सबूत बताया। दूसरी ओर, टीएमसी ने इस हत्याकांड की निंदा करते हुए कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की और आरोप लगाया कि पिछले तीन दिनों में भाजपा समर्थित बदमाशों ने उनके भी तीन कार्यकर्ताओं की हत्या की है और डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से कारतूस बरामद कर लिए हैं और उस छोटी कार को भी जब्त कर लिया है जिसका हमले में इस्तेमाल किया गया था।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिस कार का इस्तेमाल किया गया उसे पेंट किया गया था और उस पर एक अलग नंबर प्लेट लगाई गई थी। वह नंबर प्लेट विलियम जोसफ नामक व्यक्ति की है, जिसने इस बारे में किसी भी जानकारी से इनकार किया है। हमलावरों ने पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहन रखे थे और फॉरेंसिक टीमों ने कार से सैंपल ले लिए हैं और जांच टीम हमलावरों की पहचान करने के लिए आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।