शुभेंदु सरकार का बड़ा एक्शन: पहली कैबिनेट में बॉर्डर फेंसिंग और केंद्रीय योजनाओं पर 6 बड़े फैसले

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में पश्चिम बंगाल की पहली कैबिनेट बैठक में 6 ऐतिहासिक फैसले लिए गए। इसमें बॉर्डर फेंसिंग के लिए जमीन, 321 शहीदों को सम्मान, आयुष्मान भारत जैसी केंद्रीय योजनाओं को लागू करना और सरकारी नौकरियों में 5 साल की आयु छूट शामिल है।

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के गठन के साथ ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपनी पहली ऐतिहासिक कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने पांच अन्य मंत्रियों के साथ मिलकर राज्य की शासन व्यवस्था, सुरक्षा और जन कल्याण की दिशा में छह अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक फैसले लिए। यह बैठक न केवल नई सरकार के एजेंडे को स्पष्ट करती है, बल्कि राज्य में प्रशासनिक सुधारों की एक नई शुरुआत का भी संकेत देती है। बैठक की शुरुआत में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के सम्मान और विधानसभा चुनावों के सफल आयोजन पर चर्चा की गई, जिसके माध्यम से यह नई सरकार अस्तित्व में आई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सत्ता संभालते ही स्पष्ट कर दिया कि उनकी सरकार जनहित और राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखेगी।

निष्पक्ष चुनाव के लिए आभार और शहीदों को श्रद्धांजलि

कैबिनेट बैठक के दौरान सबसे पहले राज्य में विधानसभा चुनाव को सफलतापूर्वक और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग, पर्यवेक्षकों, कोलकाता पुलिस और पश्चिम बंगाल पुलिस के प्रयासों की सराहना की गई। कैबिनेट ने इन सभी संस्थाओं का औपचारिक रूप से आभार व्यक्त किया। इसके पश्चात, राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई राजनीतिक हिंसा के दौरान अपनी जान गंवाने वाले भारतीय जनता पार्टी के 321 कार्यकर्ताओं को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि राज्य सरकार अब इन शहीदों के परिवारों के कल्याण और भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी उठाएगी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "उन 321 लोगों को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि जिन्होंने असमय अपनी जान गंवा दी।

सीमा सुरक्षा और बीएसएफ को भूमि हस्तांतरण

पड़ोसी देशों के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से, कैबिनेट ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग (बाड़ लगाने) के लिए आवश्यक भूमि सीमा सुरक्षा बल (BSF) को हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भूमि हस्तांतरण की यह पूरी प्रक्रिया अगले 45 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूरी कर ली जाएगी। इस कार्य की निगरानी और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी भूमि एवं राजस्व सचिव तथा मुख्य सचिव को सौंपी गई है। यह कदम सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकने और राष्ट्रीय सुरक्षा को पुख्ता करने की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है, जो पिछले काफी समय से लंबित था।

केंद्रीय योजनाओं का तत्काल क्रियान्वयन

शुभेंदु सरकार ने अपनी पहली ही बैठक में उन सभी केंद्रीय योजनाओं को राज्य में लागू करने का निर्णय लिया है, जिन्हें पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार ने रोक रखा था।

प्रशासनिक सुधार और भारतीय न्याय संहिता

प्रशासनिक ढांचे में सुधार के लिए भाजपा सरकार ने राज्य के आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अधिकारियों के लिए केंद्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मंजूरी दी है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पश्चिम बंगाल अब अपने यहां भारतीय न्याय संहिता (BNS) को तत्काल प्रभाव से लागू करेगा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने संविधान का उल्लंघन करते हुए इन नए अपराध कानूनों को लागू नहीं किया था, लेकिन अब कैबिनेट ने इस पर मुहर लगा दी है ताकि पहले हुई देरी की भरपाई की जा सके। इसके अतिरिक्त, कैबिनेट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जून 2025 के लिए जारी जनगणना संबंधी सर्कुलर को भी तत्काल लागू करने की मंजूरी दे दी है, जिसे पिछली सरकार ने नजरअंदाज कर दिया था।

सरकारी नौकरियों में आयु सीमा का विस्तार

युवाओं और नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए कैबिनेट ने राज्य सरकार की सभी नौकरियों के लिए आवेदन की ऊपरी आयु सीमा में 5 साल की वृद्धि करने की मंजूरी दी है। यह निर्णय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किए गए वादे के अनुरूप है। मुख्यमंत्री ने बताया कि चूंकि पश्चिम बंगाल में साल 2015 के बाद से कोई बड़ी भर्ती प्रक्रिया आयोजित नहीं की गई है, इसलिए उन उम्मीदवारों को अवसर देने के लिए यह विस्तार आवश्यक है जो भर्ती न होने के कारण आयु सीमा पार कर चुके थे। यह कदम राज्य में रोजगार के अवसरों को पारदर्शी बनाने और युवाओं को न्याय दिलाने की दिशा में एक निर्णायक बदलाव का संकेत है और कैबिनेट की यह बैठक राज्य के सर्वांगीण विकास और सुरक्षा के संकल्प के साथ समाप्त हुई।