तेलंगाना के खम्मम में बेथुपल्ली झील पर डूबी SDRF नावें, 10 जवान लापता, जानें मुख्य अपडेट

तेलंगाना के खम्मम जिले की बेथुपल्ली झील में मछुआरों को बचाते समय एसडीआरएफ की दो नावें पलट गईं। इस हादसे में 10 कांस्टेबल लापता हो गए हैं, जिनकी तलाश में गोताखोर और बचाव दल युद्ध स्तर पर जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

तेलंगाना के खम्मम जिले से एक बहुत बड़ी और दुखद दुर्घटना की खबर सामने आई है, जिसने पूरे राज्य के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। प्राप्त आधिकारिक और विस्तृत जानकारियों के अनुसार, तेलंगाना के खम्मम जिले के सथुपल्ली मंडल के अंतर्गत आने वाले इलाके में स्थित बेथुपल्ली झील में एक बड़ा हादसा हो गया है। यहां झील के भीतर फंसे हुए कुछ मछुआरों को सुरक्षित बाहर निकालने और बचाने के लिए गए राज्य आपदा मोचन बल यानी एसडीआरएफ (SDRF) की दो नावें अचानक से पानी में पलट गईं। इस भयंकर हादसे के बाद से एसडीआरएफ के 10 कांस्टेबल पूरी तरह से लापता बताए जा रहे हैं।

मछुआरों को बचाते समय हुआ यह भीषण हादसा

घटना के संबंध में सामने आए विवरणों के मुताबिक, यह पूरा घटनाक्रम खम्मम जिले के सथुपल्ली मंडल में स्थित बेथुपल्ली झील का है और इस झील में पांच मछुआरे किसी काम से गए हुए थे और वे संकट में फंस गए थे। इन पांचों मछुआरों की जान बचाने के लिए एसडीआरएफ की टीमों को तुरंत राहत और बचाव कार्य के लिए भेजा गया था और जब एसडीआरएफ के जवान अपनी नावों के जरिए उन मछुआरों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे थे, तभी इलाके में चल रही तेज हवाओं और पानी के अत्यधिक तेज बहाव के कारण संतुलन बिगड़ गया और एसडीआरएफ की दो नावें अचानक से पानी में पलट गईं। नावें पलटने के कारण उन पर सवार सुरक्षाकर्मी पानी में गिर गए, जिसके बाद कुल 10 कांस्टेबल लापता हो गए हैं।

युद्ध स्तर पर जारी है गोताखोरों और बचाव कर्मियों का सर्च ऑपरेशन

बेथुपल्ली झील में नावें पलटने और सुरक्षाकर्मियों के लापता होने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभागों में हड़कंप मच गया। घटना के तुरंत बाद से ही गहरे पानी में उतरने वाले पेशेवर डाइवर्स यानी डीप-सी डाइवर्स और अन्य प्रशिक्षित बचाव कर्मियों को युद्ध स्तर पर काम पर लगा दिया गया है। ये सभी बचाव दल और गोताखोर दिन-रात झील के ठंडे पानी में उतरकर उन 10 लापता कांस्टेबलों की तलाश में लगातार जुटे हुए हैं। इसके साथ ही, कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस अधिकारी भी तुरंत दुर्घटना स्थल पर पहुंच गए हैं और वे लगातार पूरे हालात पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं और इस हादसे के बाद से पूरे इलाके में तनाव और चिंता का माहौल बना हुआ है।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने लिया कड़ा संज्ञान और दिए निर्देश

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने खम्मम जिले की इस दर्दनाक घटना का बेहद गंभीरता से संज्ञान लिया है। उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक अमले को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के कड़े निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने विशेष तौर पर खम्मम जिले के जिला कलेक्टर को यह निर्देश दिए हैं कि वे बिना किसी देरी के अपनी पूरी ताकत झोंक दें और एसडीआरएफ के सभी लापता जवानों को सुरक्षित पानी से बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास सुनिश्चित करें। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने राज्य के मुख्य सचिव को भी यह स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे समय-समय पर इस पूरी स्थिति की समीक्षा करते रहें और पल-पल की रिपोर्ट से उन्हें अवगत कराते रहें।

आपको याद दिला दें कि इससे पहले भी तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले से एक अन्य दुखद हादसे की खबर सामने आई थी। रंगारेड्डी जिले में एक डांडिया कार्यक्रम के दौरान बड़ा हादसा हो गया था, जहां रोशनी यानी लाइटिंग के लिए लगाया गया भारी-भरकम आर्च अचानक से नीचे आ गिरा था। उस दुर्घटना में एक छात्रा की अकाल मौत हो गई थी और लगभग 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अब खम्मम की इस ताजा घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राज्य के मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने जताई गहरी चिंता

राज्य के रेवेन्यू, हाउसिंग और इन्फॉर्मेशन और पब्लिक रिलेशन्स मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने खम्मम जिले के सथुपल्ली चुनाव क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली बेथुपल्ली झील में एसडीआरएफ की नावों के गायब होने और पलटने की इस घटना पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा है कि हम लगातार बेथुपल्ली झील में एसडीआरएफ की नावों के डूबने और जवानों के लापता होने की घटना की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं और इसका निरंतर रिव्यू कर रहे हैं। मंत्री ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पहले ही इस पूरे घटनाक्रम की पूरी जांच कर चुके हैं और उन्होंने जिला कलेक्टर को एसडीआरएफ कर्मियों को किसी भी कीमत पर सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर सभी राहत उपाय करने के सख्त आदेश दे दिए हैं।

अधिकारियों को दिए गए हैं विशेष तालमेल और सुरक्षा के निर्देश

मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उस विशेष इलाके में राहत उपायों और खोज अभियानों में और अधिक तेजी लाने के निर्देश दिए हैं और इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि घटनास्थल पर सभी जरूरी सुरक्षा उपकरण और आधुनिक नावें बिना किसी देरी के उपलब्ध कराई जाएं ताकि बचाव कार्यों में कोई बाधा न आए। मंत्री ने संबंधित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को यह कड़े निर्देश दिए हैं कि वे आपसी तालमेल और समन्वय के साथ काम करें ताकि लापता एसडीआरएफ कर्मियों का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके और उन्हें सुरक्षित बचाया जा सके।

मंत्री ने मीडिया से बात करते हुए यह भी कहा कि वे लगातार जिला कलेक्टर से फोन पर बात कर रहे हैं और राहत तथा बचाव कार्यों में हो रही प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि वे स्वयं कल सुबह व्यक्तिगत रूप से घटनास्थल पर पहुंचेंगे और वहां जाकर खुद पूरे हालात का जमीनी जायजा लेंगे तथा बचाव कार्यों की निगरानी करेंगे। मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने यह बात बिल्कुल साफ शब्दों में कही है कि राज्य सरकार की इस समय सबसे पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता यही है कि एसडीआरएफ के सभी लापता जवानों को हर हाल में सुरक्षित बाहर निकाला जाए।