भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जा रही टी20 सीरीज में एक बार फिर से अपनी ताकत का लोहा मनवाया है और बेहद रोमांचक अंदाज में जीत दर्ज करते हुए सीरीज में 2-0 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली है। क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल मैदान पर खेले गए इस दूसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम के सामने 181 रन का लक्ष्य था, जिसे टीम ने बेहद मुश्किल हालातों से उबरते हुए 1 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। सीरीज के पहले मैच में भी भारतीय टीम ने 226 रन के विशाल स्कोर को सफलतापूर्वक चेज किया था, और इस दूसरे मैच में भी कठिन परिस्थितियों में जीत हासिल कर यह साबित कर दिया कि दबाव की स्थिति में भी टीम इंडिया का प्रदर्शन कितना शानदार रहता है।
मैच की शुरुआत में एक बार फिर न्यूजीलैंड की टीम को टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरना पड़ा। हालांकि, पिछले मैच की तुलना में इस बार क्राइस्टचर्च की पिच का मिजाज काफी अलग था और इसका सीधा असर शुरुआती ओवरों में देखने को मिला। भारतीय गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए पावरप्ले के अंदर ही न्यूजीलैंड की टीम को बैकफुट पर धकेल दिया। स्थिति यह थी कि शुरुआती 41 रन के स्कोर तक ही न्यूजीलैंड की टीम अपने शीर्ष तीन बल्लेबाजों के विकेट गंवा चुकी थी। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही अपनी पकड़ बनाए रखी और कीवी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
ऐसी बेहद मुश्किल और शुरुआती झटकों से भरी स्थिति से न्यूजीलैंड की पारी को संभालने का जिम्मा एक बार फिर अनुभवी बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स और बेवन जैकब्स ने उठाया। इन दोनों बल्लेबाजों के बीच मैदान पर एक जबरदस्त और शतकीय साझेदारी पनपी, जिसने मैच का रुख ही बदल दिया। ग्लेन फिलिप्स और बेवन जैकब्स के बीच कुल 116 रन की बेहद मजबूत साझेदारी हुई। ग्लेन फिलिप्स ने अपनी शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए इस सीरीज में लगातार दूसरा अर्धशतक जड़ा और वे इस पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे, जिन्होंने कुल 70 रन की शानदार पारी खेली। उनका साथ निभाते हुए बेवन जैकब्स ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी की और अपने पचास रन यानी 58 रन की पारी पूरी की।
पारी के अंतिम क्षणों में निचले क्रम के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बटोरे, जिसमें माइकल ब्रेसवेल ने केवल 2 गेंदों का सामना करते हुए एक छक्का और एक चौका जड़ दिया और इस तरह न्यूजीलैंड की टीम निर्धारित ओवरों में 180 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने में सफल रही। इस प्रकार न्यूजीलैंड ने भारत के सामने जीत के लिए 181 रन का लक्ष्य रखा। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की बात करें तो टीम इंडिया के लिए सबसे सफल और किफायती गेंदबाज अर्शदीप सिंह रहे। अर्शदीप सिंह ने अपनी शानदार गेंदबाजी का मुजाहिरा करते हुए 33 रन खर्च किए और 2 बेहद बड़े और अहम विकेट अपने नाम किए, जिससे कीवी टीम के बड़े स्कोर तक पहुंचने के रास्ते में रुकावट पैदा हुई।
इसके बाद 181 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय क्रिकेट टीम की शुरुआत थोड़ी धीमी रही। हालांकि, पारी की शुरुआत में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने स्कोर को थोड़ी गति देने का प्रयास किया। लेकिन पारी के पांचवें ओवर में संजू सैमसन के आउट होने के साथ ही भारतीय खेमे में पतझड़ जैसा सिलसिला शुरू हो गया। संजू सैमसन के आउट होने के बाद क्रीज पर आए वैभव सूर्यवंशी भी अपनी बल्लेबाजी से कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए और जल्दी ही पवेलियन लौट गए। इसके अलावा भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर भी ज्यादा देर तक पिच पर टिक नहीं सके और बहुत जल्दी ही अपना विकेट गंवा बैठे और स्थिति यह हो गई कि भारत ने अपने शुरुआती बल्लेबाज जल्दी खो दिए और सिर्फ 70 रन के कुल स्कोर तक पहुंचते-पहुंचते टीम इंडिया ने अपने 5 महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे।
भारत की इस खस्ताहाल स्थिति के पीछे न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर की बेहद घातक गेंदबाजी थी, जिन्होंने भारतीय बल्लेबाजों को बांधकर रखा और शुरुआती 5 विकेटों में से अकेले 3 विकेट मिचेल सैंटनर के खाते में गए। भारत की इस नाजुक और मुश्किल परिस्थिति में नमन धीर ने क्रीज पर कदम रखा और बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम को संकट से बाहर निकालने की कोशिश की। नमन धीर ने अपनी तेज तर्रार पारी के दौरान 31 रन बनाए और इस आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर भारतीय टीम की मैच में वापसी कराई। हालांकि, नमन धीर भी अंततः मिचेल सैंटनर की फिरकी का शिकार बन गए और मिचेल सैंटनर ने नमन धीर को भी पवेलियन का रास्ता दिखा दिया।
मैच का यह मोड़ बेहद रोमांचक था क्योंकि 15वें ओवर में 112 रन के कुल स्कोर पर नमन धीर भी आउट होकर पवेलियन लौट चुके थे और भारत के 6 विकेट गिर चुके थे। इसके बाद टीम इंडिया के उप-कप्तान तिलक वर्मा ने मोर्चा संभाला। तिलक वर्मा ने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी समझते हुए एक बेहतरीन और जिम्मेदार अर्धशतकीय पारी खेली। तिलक वर्मा ने इस मैच में कुल 51 रन की नाबाद और बेहद महत्वपूर्ण पारी खेली। तिलक वर्मा का बखूबी साथ निभाया नितीश कुमार रेड्डी ने, जिन्होंने 26 रन का योगदान दिया। इन दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर सूझबूझ और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया और टीम को जीत के मुहाने तक पहुंचा दिया।
मुकाबले का रोमांच अंतिम ओवर तक पहुंच चुका था। आखिरी ओवर में जीत हासिल करने के लिए भारतीय टीम को 11 रन की आवश्यकता थी। मैदान पर मौजूद उप-कप्तान तिलक वर्मा और नितीश कुमार रेड्डी ने इस दबाव भरे क्षण में भी अपना संयम नहीं खोया। इन दोनों बल्लेबाजों ने सिर्फ 5 गेंदों के अंदर ही जरूरी 11 रन आसानी से बटोर लिए और 1 गेंद शेष रहते ही टीम इंडिया को एक ऐतिहासिक और रोमांचक जीत दिला दी। इस तरह भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ इस दूसरे टी20 मुकाबले को 4 विकेट से अपने नाम कर लिया और इस शानदार जीत के साथ सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त भी हासिल कर ली।
