Donald Trump / ट्रंप ने की चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग की तारीफ, बोले- 'चाहिए उन्हीं की तरह डरपोक मंत्रियों की कैबिनेट'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनके अधिकारियों के साथ अपनी मुलाकात का जिक्र किया। ट्रंप ने जिनपिंग को मजबूत और समझदार बताया, लेकिन उनके साथ आए अधिकारियों को 'डरा हुआ' पाया। ट्रंप ने इच्छा जताई कि उनकी कैबिनेट भी जिनपिंग के मंत्रियों की तरह ही व्यवहार करे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनके अधिकारियों के साथ अपनी मुलाकात के अनुभवों को साझा किया है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटरों के साथ एक बैठक के दौरान इन अनुभवों का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने जिनपिंग और उनकी टीम के व्यवहार पर अपनी राय रखी और ट्रंप के बयान हमेशा अप्रत्याशित होते हैं, और इस बार भी उन्होंने अपने ही अंदाज में कुछ ऐसी बातें कहीं जो चर्चा का विषय बन गई हैं।

व्हाइट हाउस में अनोखी मुलाकात

व्हाइट हाउस में सीनेटरों के साथ हुई बैठक में, डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी मुलाकात का विवरण दिया। उन्होंने विशेष रूप से जिनपिंग के साथ आए अधिकारियों की टीम का उल्लेख किया और ट्रंप ने बताया कि उन्होंने पहले कभी भी इतने डरे हुए लोग नहीं देखे थे, जैसा कि उन्होंने जिनपिंग के साथ आए अधिकारियों में देखा। यह टिप्पणी उनकी मुलाकात के एक असामान्य पहलू को उजागर करती। है, जहां उन्होंने सत्ता के एक अलग ही समीकरण को महसूस किया।

शी जिनपिंग: एक मजबूत और समझदार नेता

ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की प्रशंसा करते हुए उन्हें 'मजबूत व्यक्ति' और 'समझदार आदमी' बताया। उन्होंने जिनपिंग के नेतृत्व की क्षमता और व्यक्तित्व को स्वीकार किया। हालांकि, उनकी यह प्रशंसा उनके साथ आए अधिकारियों के व्यवहार पर उनकी टिप्पणियों के बिल्कुल विपरीत थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ट्रंप ने जिनपिंग को एक प्रभावशाली नेता के रूप में देखा, लेकिन उनके आसपास के माहौल को अलग तरीके से समझा।

'डरे हुए' अधिकारी और उनकी चुप्पी

ट्रंप ने बैठक के दौरान पाया कि जिनपिंग के साथ पहुंचे लोग एकदम शांत बैठे थे। उन्होंने कहा, 'मैंने कभी भी जीवन में इतने डरे हुए लोगों को नहीं देखा है। ' ट्रंप ने यह भी बताया कि जब उन्होंने एक व्यक्ति से बात करने की कोशिश की, तो सामने से कोई भी जवाब नहीं आया। उन्होंने कहा, 'मैंने पूछा, क्या आप मुझे जवाब देने वाले हैं? मुझे कोई जवाब नहीं मिला और राष्ट्रपति शी ने उन्हें जवाब देने नहीं दिया। ' यह घटनाक्रम चीनी अधिकारियों के बीच अनुशासन और जिनपिंग के प्रति उनके। सम्मान या भय को दर्शाता है, जिसे ट्रंप ने अपनी टिप्पणी में उजागर किया।

अपनी कैबिनेट के लिए ट्रंप की इच्छा

इस असामान्य अनुभव के बाद, ट्रंप ने अपनी कैबिनेट के लिए एक अनोखी इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'मैं चाहता हूं कि मेरा कैबिनेट भी इस तरह से बर्ताव करे। ' यह टिप्पणी उनके अपने प्रशासन में अधिक आज्ञाकारी और कम मुखर मंत्रियों की इच्छा को दर्शाती है। उन्होंने विशेष रूप से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से कहा, 'आप इस तरह से व्यवहार क्यों नहीं करते हैं। ' यह दर्शाता है कि ट्रंप अपने अधिकारियों से भी इसी तरह की। चुप्पी और आज्ञाकारिता की उम्मीद करते हैं, जैसा उन्होंने जिनपिंग के अधिकारियों में देखा। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पहले भी मिल चुके हैं और वे दक्षिण कोरिया के बुसान में भी मिले थे, जिसे ट्रंप ने 'बेहद सफल' मुलाकात बताया था। हालांकि, बाद में चीन के जिनपिंग ने ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि चीन कंबोडिया और थाईलैंड के बीच शांति स्थापित करने में शामिल नहीं है। यह घटनाक्रम दोनों नेताओं के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेदों को भी दर्शाता है, भले ही ट्रंप ने हाल की मुलाकात को लेकर अपनी इच्छाएं व्यक्त की हों। ट्रंप के ये बयान अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और नेतृत्व शैली पर एक अनोखी अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं।

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