US Ambassador Gor / अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने संभाला पदभार, ट्रंप के भारत दौरे और पैक्ससिलिका में भारत की एंट्री का ऐलान

भारत में नए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने पदभार संभाला। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप अगले 1-2 साल में भारत आ सकते हैं। गोर ने भारत को अमेरिकी नेतृत्व वाली पैक्ससिलिका पहल में शामिल होने का निमंत्रण देने की भी घोषणा की, जो सुरक्षित सिलिकॉन आपूर्ति श्रृंखला पर केंद्रित है।

सोमवार को सर्जियो गोर ने भारत में नए अमेरिकी राजदूत के तौर पर अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। पद संभालने के तुरंत बाद, गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता,। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्यक्तिगत संबंध, और एक महत्वपूर्ण रणनीतिक पहल में भारत का संभावित समावेश शामिल है। उनके बयानों ने दोनों देशों के बीच मजबूत होते संबंधों और। भविष्य के सहयोग की दिशा में एक स्पष्ट संकेत दिया है।

भारत-अमेरिका संबंधों में नया अध्याय

सर्जियो गोर, जिन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगियों में से एक माना जाता है, का भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में आगमन एक महत्वपूर्ण घटना है। उनके पदभार संभालने के साथ ही, भारत और अमेरिका के। बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। गोर ने अपने शुरुआती बयानों में दोनों देशों के बीच गहरे होते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों पर जोर दिया है, जो साझा हितों और मजबूत व्यक्तिगत संबंधों पर आधारित हैं। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य। में भारत और अमेरिका दोनों ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

राष्ट्रपति ट्रंप के संभावित भारत दौरे की उम्मीद

राजदूत सर्जियो गोर ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए उम्मीद जताई है कि। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले एक-दो साल में भारत का दौरा कर सकते हैं। यह संभावित दौरा भारत-अमेरिका संबंधों के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा,। जो दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय जुड़ाव और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा। राष्ट्रपति ट्रंप का भारत दौरा न केवल द्विपक्षीय वार्ताओं को बढ़ावा देगा, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को भी गहरा करेगा और ऐसे उच्च-स्तरीय दौरे अक्सर महत्वपूर्ण समझौतों और पहलों की घोषणा का मंच बनते हैं, जो भविष्य के सहयोग की दिशा तय करते हैं।

मोदी और ट्रंप की सच्ची दोस्ती

सर्जियो गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच के संबंधों को 'सच्ची दोस्ती' बताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ दुनिया भर की यात्रा की है। और वे इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि मोदी के साथ ट्रंप की दोस्ती वास्तविक है। गोर के अनुसार, अमेरिका और भारत केवल साझा हितों से ही नहीं, बल्कि एक मजबूत रिश्ते से भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सच्चे दोस्त असहमत हो सकते हैं, लेकिन अंततः वे हमेशा अपने मतभेदों को सुलझा लेते हैं और यह बयान दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत तालमेल और द्विपक्षीय संबंधों में विश्वास के महत्व को दर्शाता है, जो किसी भी रणनीतिक साझेदारी की नींव होता है।

भारत को पैक्ससिलिका में शामिल होने का निमंत्रण

राजदूत गोर ने एक नई और महत्वपूर्ण पहल, 'पैक्ससिलिका' में भारत को पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किए जाने की घोषणा की है और यह घोषणा अगले महीने की जाएगी। पैक्ससिलिका अमेरिका के नेतृत्व वाली एक रणनीतिक पहल है जिसे पिछले महीने ही शुरू किया गया है और इसका मुख्य उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा इनपुट से लेकर उन्नत विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, एआई विकास और लॉजिस्टिक्स तक एक सुरक्षित, समृद्ध और नवाचार-आधारित सिलिकॉन आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण करना है।

पैक्ससिलिका का महत्व और भारत की भूमिका

पैक्ससिलिका पहल का लक्ष्य वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत और सुरक्षित करना है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जो आधुनिक अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसमें महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं जो उच्च-तकनीकी उत्पादों के लिए आवश्यक हैं, ऊर्जा इनपुट जो औद्योगिक उत्पादन को शक्ति प्रदान करते हैं, और उन्नत विनिर्माण क्षमताएं जो नवाचार को बढ़ावा देती हैं। सेमीकंडक्टर, जो डिजिटल युग की रीढ़ हैं, इस पहल का एक केंद्रीय घटक हैं, क्योंकि उनकी आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। एआई विकास और लॉजिस्टिक्स भी इस पहल के दायरे में आते हैं, जो भविष्य की प्रौद्योगिकियों और कुशल वितरण नेटवर्क के महत्व को रेखांकित करते हैं। पिछले महीने इस समूह में जापान, दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम और इज़राइल जैसे देश शामिल हुए थे। भारत का इसमें पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल होना, वैश्विक प्रौद्योगिकी और आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा में उसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। यह भारत को इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में वैश्विक मानकों और नवाचारों में सक्रिय रूप से। योगदान करने का अवसर प्रदान करेगा, साथ ही अपनी स्वयं की आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करेगा।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर प्रगति

राजदूत सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चल रही बातचीत के बारे में भी अपडेट दिया और उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं, और अगली बातचीत अगले दिन ही होनी है। गोर ने स्वीकार किया कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है, इसलिए इस समझौते को अंतिम चरण तक पहुंचाना आसान काम नहीं है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देश इसे पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। यह दर्शाता है कि व्यापार संबंधों को मजबूत करना दोनों देशों की प्राथमिकता है, भले ही इसमें जटिलताएं हों।

व्यापार से परे सहयोग के क्षेत्र

गोर ने यह भी स्पष्ट किया कि व्यापार, हालांकि महत्वपूर्ण। है, भारत और अमेरिका के रिश्तों का एकमात्र पहलू नहीं है। उन्होंने बताया कि दोनों देश सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और। स्वास्थ्य जैसे कई अन्य बहुत जरूरी क्षेत्रों में भी मिलकर काम करते रहेंगे। यह बहुआयामी सहयोग दोनों देशों के बीच एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है, जो केवल आर्थिक लाभों से परे है। सुरक्षा सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि आतंकवाद विरोधी प्रयास साझा खतरों का मुकाबला करते हैं। ऊर्जा और प्रौद्योगिकी में सहयोग भविष्य की चुनौतियों का समाधान करने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है। शिक्षा और स्वास्थ्य में साझेदारी लोगों से लोगों के संबंधों को मजबूत करती है और वैश्विक कल्याण में योगदान करती है। इन सभी क्षेत्रों में निरंतर सहयोग भारत-अमेरिका संबंधों की गहराई और व्यापकता को रेखांकित करता है। कुल मिलाकर, राजदूत सर्जियो गोर के बयानों ने भारत और अमेरिका के बीच एक मजबूत, बहुआयामी और भविष्य-उन्मुख साझेदारी की तस्वीर पेश की है, जिसमें उच्च-स्तरीय राजनीतिक जुड़ाव, रणनीतिक आर्थिक सहयोग और महत्वपूर्ण वैश्विक पहलों में भागीदारी शामिल है।