Veer Durgadas Rathore / जयपुर में हुई दुर्गादास की 1400KG की प्रतिमा तैयार रक्षा मंत्री बोले- हम जो कहते हैं, वह करते हैं

Zoom News : Aug 13, 2022, 05:18 PM
Veer Durgadas Rathore: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- भारत की राजनीति को लेकर कहा जाता था कि यहां के नेताओं की कथनी-करनी में अंतर होता है। भारतीय जनता पार्टी जो कहती है, वह करती है। हमें ऐसा करने की प्रेरणा वीर दुर्गादास जैसे सपूतों से मिलती है।

जोधपुर जिले के सालवा कला गांव में वीर दुर्गादास की 385वीं जयंती पर शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे रक्षा मंत्री ने उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। वीर दुर्गादास की घोड़े पर सवार यह प्रतिमा 12 फीट ऊंची है। अष्टधातु से बनी बनी यह प्रतिमा 1400 किलो वजनी है। प्रतिमा के निर्माण की जिम्मेदारी जोधपुर के एनआरआई समाजसेवी डॉ दिलीप करण मुड़ी ने उठाई। उन्होंने समाज से चंदा जुटाकर यह कार्य किया। इस कार्य के लिए रक्षा मंत्री ने उनकी तारीफ की।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सुबह 10.37 बजे जोधपुर एयरबेस पर उतरे थे, जहां प्रदेश भाजपाध्यक्ष सतीश पूनिया व केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत सहित कुछ नेताओं ने स्वागत किया। इसके बाद रक्षा मंत्री ने एयरबेस पर बने कॉन्फ्रेंस हॉल में एयरफोर्स के अधिकारियों के साथ सीमा क्षेत्र के हालात पर चर्चा की। इसके बाद सुबह 11.28 बजे जोधपुर एयरबेस से सालवा कला गांव के लिए रवाना हुए। वीर दुर्गादास की जन्मस्थली सालवा कला गांव जोधपुर शहर के उत्तर-पूर्व में करीब 45 किलोमीटर दूर है। रास्ते में राजनाथ सिंह कुछ देर के लिए पिलार बालाजी मंदिर रुके। दोपहर 12.21 बजे रक्षा मंत्री सालवा कलां गांव पहुंचे। यहां प्रतिमा का अनावरण करने के बाद उन्होंने सभा को संबोधित किया। इसके बाद अपराह्न 3 बजे वे जोधपुर के लिए रवाना हो गए।

समाजसेवी दिलीप करण की प्रशंसा

प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने कहा- प्रतिमा लगाकर समाजसेवी दिलीप करण ने बहुत नेक काम किया है। 37 साल अमेरिका में रहने के बावजूद दिलीप करण राठौड़ में अभिमान नहीं है। उन्होंने प्रतिमा लगाकर पुनीत कार्य किया है। जब वे बोल रहे थे, तब मैंने सोचा कि वे वीर दुर्गादास के वंशज तो नहीं।

अद्भुत था व्यक्तित्व

रक्षा मंत्री ने कहा- मुझे हैरानी है कि मारवाड़ के वीर महापुरुष के गांव में इससे पहले उनकी इतना भव्य प्रतिमा क्यों नहीं लगवाई गई? उन्होंने वीर दुर्गादास के बारे में कहा कि उनका व्यक्तित्व अद्भुत था। स्वामि भक्ति, ईमानदारी और शौर्य उनकी परिभाषा है। कंटालिया के खान शमशेर ने वीर दुर्गादास की तलाश में उनकी माता जी को टॉर्चर किया, तब भी उन्होंने बेटे का पता नहीं बताया। उनकी माता को मार डाला गया। बदला लेने का वक्त आया तो दुर्गादास ने कहा कि मैं दुश्मन की माता, बहन बेटी को नहीं मारूंगा। उम्र में बड़ी हर महिला हमारी मां है, बराबर आयु की महिला बहन और छोटी आयु की लड़कियां हमारी बेटी हैं।

विदेशी हमलावरों से की रक्षा

रक्षा मंत्री ने कहा कि मारवाड़ की इस धरती ने हमेशा धर्म, धरा और ध्वजा की रक्षा की है। दुर्गादास जैसे पुत्रों को इस धरती ने जन्म दिया है। मारवाड़ के लोगों ने विदेशी हमलावरों से हमेशा इस धरती की रक्षा की। साथ ही संस्कृति सभ्यता और धरोहरों की भी रक्षा की। सिंह ने कहा कि वीर दुर्गादास में प्रशासनिक क्षमता और कूटनीति भी थी। औरंगजेब का पुत्र अकबर उनकी शरण में आया था। उन्होंने अकबर से दोस्ती निभाई। औरंगजेब ने कहा कि अकबर को हमारे हवाले कर दो, तुम्हें मारवाड़ का महाराजा बना देंगे, लेकिन वे प्रलोभन में नहीं आए और अकबर पर आंच नहीं आने दी।

​​​​​​एकता और समरसता की मिसाल हैं दुर्गादास

रक्षा मंत्री ने कहा कि अकबर जब जाने लगे तो अपने बेटे-बेटियों को दुर्गादास के हवाले कर गए। कहा कि आपकी देख-रेख में ये सलामत रहेंगे। वीर दुर्गादास ने उनकी शिक्षा-दीक्षा उन्हीं के धर्म के अनुसार कराई। यह कहते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ ताकतें हिंदू-मुस्लिम के बीच खाई पैदा करने की साजिश कर रही हैं। उदयपुर जैसी घटनाएं विडंबना हैं। वीर दुर्गादास ​​​​​​एकता और समरसता की मिसाल हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि आखिरी समय तक वीर दुर्गादास ने मारवाड़ के महाराजा जसवंत सिंह का साथ दिया। उन्होंने हनुमान की तरह उनका साथ दिया। कहा कि जब तक जिंदा हूं मारवाड़ को कोई छू नहीं सकता। वे 30 साल तक मुगलों से लड़े। मारवाड़ में मुगलों को घुसने नहीं दिया। कूटनीतिक चाल चलते हुए दक्षिण की यात्रा की। मुगलों को दक्षिण में उलझा दिया और मारवाड़ को सुरक्षित रखा। वचन के मुताबिक महाराजा के बेटे अजीत सिंह को राजगद्दी पर बैठाया।

जयपुर में बनवाई गई प्रतिमा

वीर दुर्गादास के पैतृक गांव सालवा कला में स्थापित उनकी प्रतिमा अष्टधातु से बनी है। यह प्रतिमा जयपुर में बनी है। इसकी ऊंचाई 12 फीट है। अश्व सवार दुर्गादास की प्रतिमा का वजन 1400 किलो है। इसके लिए सभी कम्युनिटी से सहयोग जुटाया गया। इस पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी जालोर जिला निवासी व अमेरिका में रहने वाले डॉ. दिलीपकरण मुड़ी ने उठाई है।

अनावरण समारोह में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया, केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, प्रदेश महामंत्री मदन दिलावर, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रसन्नचन्द मेहता, सांसद पीपी चौधरी, विधायक नारायण सिंह देवल, विधायक हमीर सिंह भायल, पूर्व विधायक भैराराम सियोल एवं जोधपुर जिले के जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी मौजूद थे। इससे पहले जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया, केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत व अन्य नेताओं ने रक्षा मंत्री का स्वागत किया।

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