अमित शाह का लखनऊ में दावा, यूपी में बीजेपी सरकार को कोई नहीं हिला सकता

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लखनऊ में कहा कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार अंगद का पैर है और इसे कोई नहीं हटा सकता। उन्होंने आगामी चुनावों और यूसीसी पर भी बात की।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंचे और लखनऊ पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया और वह भारतीय जनता पार्टी की राज्य कार्यसमिति की बैठक में शामिल हुए। इस अहम बैठक में पार्टी के वरिष्ठ राज्य नेतृत्व, जिला अध्यक्ष और प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यसमिति की बैठक में गृह मंत्री अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए एक स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का समय आ गया है। अमित शाह ने पार्टी के कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि बीजेपी के असली मालिक हमारे कार्यकर्ता हैं, जिन्हें मेरा प्रणाम और मेरा राम राम है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के इतिहास के एक महत्वपूर्ण दिन का जिक्र करते हुए कहा कि यूपी में तीस अक्टूबर का बड़ा योगदान है और आज के दिन यानी 1990 में अयोध्या में राम भक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं।

राम मंदिर और विपक्ष पर तीखा हमला

विपक्ष पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कड़े शब्दों में सवाल पूछा कि आप किस मुंह से सरकार बनाने की बात करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने राम भक्तों पर गोलियां चलाई थीं, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण करवा दिया। अमित शाह ने आगे कहा कि राम भक्तों पर गोली चलाने वाले विपक्षी दलों को जनता माफ नहीं करेगी और उनकी तीसरी पीढ़ी को भी जनता कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने दिवंगत नेता कल्याण सिंह को याद करते हुए कहा कि कल्याण सिंह ने अपनी सरकार की चिंता किए बिना विवादित ढांचे को ध्वस्त कराया था और अमित शाह ने उत्तर प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करते हुए बहुत बड़ा बयान दिया और कहा कि यूपी में बीजेपी सरकार अंगद का पैर है, जिसे कोई नहीं हटा सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य में एक बार फिर से बीजेपी की सरकार बनने जा रही है और इसमें कोई दुविधा नहीं होनी चाहिए।

यूसीसी और चुनाव परिणामों का जिक्र

कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश में तीसरी बार पार्टी की सरकार बनती है, तो राज्य में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी लागू किया जाएगा। चुनाव हारने के बाद लगाए जाने वाले आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित शाह ने कहा कि मैच हारने के बाद अब अंपायर पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि वोट चोरी हुई है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और शाह ने विपक्षी दलों को चुनौती दी कि एक बार आइए और विशेष सत्र बुलाते हैं, हम एक एक बात का जवाब देने को पूरी तरह तैयार हैं और संसद में इस पर खुलकर चर्चा कीजिए। अपनी पार्टी के पुराने दिनों को याद करते हुए अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014 में हमारे पास केवल चौवालीस विधायक थे और उस समय बहुत निराशा का माहौल था। उन्होंने बताया कि वह खुद तहसील स्तर तक गए थे और एक बार जब संगठन ठीक हो गया, तो वर्ष 2014 में उत्तर प्रदेश में इकतालीस प्रतिशत वोट के साथ सतहत्तर सीटें जीती गईं। उन्होंने आगे बताया कि जब वर्ष 2017 में नोटबंदी हुई थी, तब अखिलेश यादव को पूरी रात नींद नहीं आई थी और हमने चालीस प्रतिशत वोट हासिल करके तीन सौ बारह सीटें जीती थीं। शाह ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि उसी शानदार प्रदर्शन को दोहराने का अब वक्त आ गया है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणनीति

आपको बता दें कि वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को पूरी तरह ध्यान में रखते हुए, भारतीय जनता पार्टी अपना संगठनात्मक रोडमैप और चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटी हुई है। राज्य कार्यसमिति की इस महत्वपूर्ण बैठक में गृह मंत्री अमित शाह के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के साथ साथ पार्टी संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल हुए और इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठनात्मक प्राथमिकताओं पर व्यापक चर्चा करना, जमीनी स्तर पर पार्टी की पहुंच की समीक्षा करना और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए ठोस लक्ष्य तय करना है। गृह मंत्री अमित शाह के इस दौरे और उनके तीखे बयानों से राज्य का राजनीतिक पारा काफी चढ़ गया है और आने वाले चुनावों के लिए राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पार्टी कार्यकर्ता भी पूरी तरह ऊर्जावान होकर आगामी चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं।