प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अक्टूबर शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा जिले में कृषि और पशुपालन विकास को जबरदस्त गति देते हुए एक पारंपरिक चौपाल को संबोधित किया और देश के करोड़ों किसानों तथा पशुपालकों को ऐतिहासिक सौगातें सौंपी। इस भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने देश के 9 करोड़ 34 लाख किसानों के बैंक खातों में सीधे तौर पर 19 हजार करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि पीएम-किसान योजना की किस्त के रूप में ट्रांसफर की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि खेती हमारी संस्कृति है और हमने खेती तथा पशुपालन को आधुनिक तकनीक से जोड़ा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि देश के किसानों को अब तक 26 करोड़ से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड मिल चुके हैं, जिससे उनकी मिट्टी की उर्वरता और पैदावार में सुधार हुआ है।
पशुपालन हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक बेहद अहम हिस्सा है और इसमें हमारी देश की महिलाओं यानी बहनों की बहुत बड़ी भागीदारी है। पिछले एक दशक के दौरान सरकार ने पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में विज्ञान तथा तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री मोदी ने बनास डेयरी की एक नई परियोजना का उद्घाटन किया। गुजरात के विल्डी क्षेत्र में 127 एकड़ भूमि पर 325 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए भारत मवेशी प्रजनन एवं अनुसंधान केंद्र (बीबीबीआरसी) का लोकार्पण किया गया। इस अत्याधुनिक केंद्र का मुख्य उद्देश्य मवेशियों का वैज्ञानिक तरीके से प्रजनन करना और उनकी नस्ल में सुधार करके दूध के उत्पादन में भारी बढ़ोतरी करना है। वैज्ञानिकों का यह नया और अनूठा तरीका गाय तथा भैंसों को पालने और उनके रख-रखाव में देश के किसानों के लिए बहुत मददगार साबित होगा। गुजरात के गांवों में दूध का बिजनेस ही लोगों की रोजी-रोटी का सबसे बड़ा और मुख्य साधन है, इसलिए स्थानीय लोग इस नए सेंटर को लेकर बेहद खुश और उत्साहित हैं। इस नए रिसर्च सेंटर के उद्घाटन की खुशी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केंद्र के आसपास के पूरे इलाके को खूबसूरत रंग-बिरंगी लाइटों से बहुत ही भव्य तरीके से सजाया गया है।
इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग यानी वर्चुअल माध्यम से बनास डेयरी के आलू विस्तार प्रोजेक्ट का भी उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने दूध और अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स को लंबे समय तक सुरक्षित रखने वाले एक बेहद आधुनिक तथा पूरी तरह से ऑटोमैटिक कोल्ड स्टोरेज यानी यूएचटी-एएसआरएस सिस्टम की भी शानदार शुरुआत की। पर्यावरण को बचाने और प्रदूषण को कम करने के अपने संकल्प को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने थराद और राधनपुर में दो बायोगैस यानी सीबीजी प्लांट्स की आधारशिला भी रखी। इन आधुनिक प्लांट्स में गोबर और जैविक कचरे से पर्यावरण के अनुकूल गैस बनाई जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा की मांग पूरी होगी और स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस बीच, देश भर में मनाए जा रहे किसान उत्सव दिवस के अवसर पर अकेले गुजरात राज्य में कुल 34 जिला स्तरीय और 2100 से अधिक क्लस्टर स्तरीय कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया जाएगा। भीलड़ी का मुख्य कार्यक्रम देश भर में लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा और किसानों को कृषि तथा बागवानी से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के आधिकारिक समर्थन पत्र वितरित किए जाएंगे। भीलड़ी का यह विशाल आयोजन ग्रामीण अंचल में एक अनूठा और उत्साहवर्धक राजनीतिक व सामाजिक माहौल बना रहा है, जिससे किसानों में अभूतपूर्व ऊर्जा का संचार हुआ है।
