अगस्त 2026 में पड़ेंगी दो बड़ी तीज, जानें हरियाली और कजरी तीज की तारीख और शुभ मुहूर्त

अगस्त 2026 में हरियाली तीज और कजरी तीज के रूप में दो बड़े त्योहार मनाए जाएंगे। इसके बाद सितंबर में हरतालिका तीज आएगी। भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित ये व्रत अखंड सौभाग्य के लिए रखे जाते हैं। जानें इन व्रतों की सही तिथियां और निर्जला व्रत का महत्व।

अगस्त 2026 का महीना हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए तीज के त्योहारों का दोहरा उपहार लेकर आ रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, अगस्त के महीने में दो बड़ी तीज पड़ रही हैं, जो धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। इनमें से एक तीज सावन के महीने में आती है और दूसरी भाद्रपद मास में। इसके अतिरिक्त, सितंबर 2026 में एक और प्रमुख तीज, जिसे हरतालिका तीज कहा जाता है, मनाई जाएगी। अक्सर श्रद्धालुओं के बीच इस बात को लेकर उलझन रहती है कि कौन सी तीज किस दिन मनाई जाएगी और किस व्रत में निर्जला रहने का विधान है। इस लेख में हम हरियाली तीज, कजरी तीज और हरतालिका तीज की तिथियों, शुभ मुहूर्त और उनके धार्मिक महत्व के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।

तीन प्रमुख तीज व्रतों की परंपरा

तीज के व्रत मुख्य रूप से माता पार्वती और भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित हैं। ये व्रत सावन और भाद्रपद महीने की तीन अलग-अलग तृतीया तिथियों को रखे जाते हैं। इन तीनों व्रतों का मुख्य उद्देश्य अखंड सौभाग्य की प्राप्ति, सुखी वैवाहिक जीवन की कामना और परिवार की सुख-समृद्धि सुनिश्चित करना है।

हरियाली तीज 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

हरियाली तीज का व्रत हर साल सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। इसे देश के विभिन्न हिस्सों में सिंधारा तीज, श्रावण तीज या छोटी तीज के नाम से भी जाना जाता है। वर्ष 2026 में हरियाली तीज का व्रत 15 अगस्त 2026, शनिवार को रखा जाएगा। हिंदू पंचांग के विवरण के अनुसार, तृतीया तिथि 14 अगस्त 2026 को शाम 6 बजकर 46 मिनट पर शुरू होगी और 15 अगस्त 2026 को सुबह 5 बजकर 28 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि की गणना के आधार पर, 15 अगस्त 2026 को ही यह व्रत और इससे जुड़ी पूजा संपन्न की जाएगी।

कजरी तीज 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को कजरी तीज के रूप में मनाया जाता है। इसे बड़ी तीज और कजली तीज के नाम से भी पुकारा जाता है। साल 2026 में कजरी तीज का व्रत 31 अगस्त 2026, सोमवार को रखा जाएगा। पंचांग के अनुसार, इस व्रत के लिए तृतीया तिथि 30 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 36 मिनट पर प्रारंभ होगी और 31 अगस्त 2026 को शाम 8 बजकर 50 मिनट पर इसका समापन होगा। उदया तिथि के नियमों का पालन करते हुए 31 अगस्त 2026 को यह व्रत श्रद्धापूर्वक रखा जाएगा।

हरतालिका तीज और निर्जला व्रत का महत्व

तीसरी प्रमुख तीज, हरतालिका तीज, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। वर्ष 2026 में हरतालिका तीज 14 सितंबर 2026 को पड़ेगी। इन तीनों तीज व्रतों में सबसे कठिन हरतालिका तीज का व्रत माना जाता है क्योंकि यह पूरी तरह से निर्जला रहकर रखा जाता है। इस व्रत के दौरान महिलाएं 24 घंटे तक बिना अन्न और जल के रहती हैं, जिसे निर्जला व्रत कहा जाता है। यह व्रत कठिन तपस्या और अटूट श्रद्धा का प्रतीक है।

तीज व्रतों का धार्मिक महत्व और क्षेत्रीय विविधता

ये तीनों तीज व्रत अखंड सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन और मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए अत्यंत फलदायी माने जाते हैं। इन सभी अवसरों पर भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। हालांकि इन व्रतों का मूल उद्देश्य एक ही है, लेकिन अलग-अलग राज्यों में इनकी लोकप्रियता और मनाने के तरीके में भिन्नता देखी जाती है। उदाहरण के लिए, राजस्थान में हरियाली तीज और कजरी तीज का विशेष महत्व है और इन्हें बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। वहीं, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में हरतालिका तीज का व्रत मुख्य रूप से और अत्यंत श्रद्धा के साथ रखा जाता है। इस प्रकार अगस्त और सितंबर के महीने तीज के इन पावन पर्वों से पूरी तरह भक्तिमय रहेंगे।