अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तीसरे दिन इजाफा देखने को मिल रहा है। जून के महीने में अब तक कच्चे तेल के दाम में करीब 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। यह उछाल ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाजार में कीमतों में स्थिरता की उम्मीद की जा रही थी। हालांकि, भारतीय उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मची इस उथल-पुथल के बावजूद घरेलू स्तर पर लगातार 9वें दिन पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके बावजूद, बाजार विशेषज्ञों और आम जनता के बीच यह डर बना हुआ है कि आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है।
कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल का विश्लेषण
जून के महीने में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने सभी को चौंका दिया है। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि सबसे ज्यादा बढ़ोतरी अमेरिकी क्रूड के दाम में हुई है। पिछले महीने के आखिरी कारोबारी दिन अमेरिकी क्रूड के दाम 87 डॉलर 36 सेंट प्रति बैरल पर आ गए थे। लेकिन जून की शुरुआत के साथ ही इसमें तेजी आई और 3 जून को कीमतें 94 डॉलर 88 सेंट प्रति बैरल पर पहुंच गईं। इसका सीधा मतलब यह है कि महज 3 दिनों के भीतर कच्चे तेल की कीमत में 7 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा यानी करीब 9 प्रतिशत की तेजी आई है। गौरतलब है कि मई के आखिरी हफ्ते में कच्चे तेल के दाम में 11 प्रतिशत की गिरावट आई थी, जिससे अमेरिकी क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया था।
ब्रेंट क्रूड और खाड़ी देशों के बाजार का हाल
अमेरिकी क्रूड के साथ-साथ खाड़ी देशों के कच्चे तेल यानी ब्रेंट क्रूड के दाम में भी काफी इजाफा हुआ है। आंकड़ों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड के दाम में पिछले 3 दिनों में 5 पॉइंट 56 प्रतिशत की तेजी देखी गई है। पिछले महीने के आखिरी कारोबारी दिन ब्रेंट क्रूड के दाम 92 डॉलर 5 सेंट प्रति बैरल पर थे, जो 3 जून को बढ़कर 97 डॉलर 17 सेंट प्रति बैरल पर पहुंच गए हैं। इस दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 5 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा का इजाफा हुआ है। वर्तमान में ब्रेंट क्रूड के दाम में 1 पॉइंट 31 प्रतिशत की तेजी बनी हुई है। हालांकि राहत की बात यह है कि क्रूड के दाम अभी भी 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बने हुए हैं।
घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की स्थिति
दूसरी ओर, भारत में तेल विपणन कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में लगातार 9वें दिन राहत दी है। आईओसीएल (IOCL) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 25 मई के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई संशोधन नहीं किया गया है। यह स्थिरता तब देखी जा रही है जब इससे पहले 11 दिनों के भीतर पेट्रोल की कीमतों में 4 बार बढ़ोतरी की गई थी, जिससे कुल 8 प्रतिशत का इजाफा हुआ था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का दबाव घरेलू तेल कंपनियों पर पड़ सकता है, जिससे आने वाले समय में कीमतों में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
महानगरों में आज के ताजा भाव
देश के चारों प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल के दाम फिलहाल स्थिर बने हुए हैं। देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102 रुपये 12 पैसे और डीजल 95 रुपये 20 पैसे प्रति लीटर पर बिक रहा है। कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 113 रुपये 51 पैसे और डीजल के दाम 99 रुपये 2 पैसे प्रति लीटर दर्ज किए गए हैं। आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल 111 रुपये 21 पैसे और डीजल 97 रुपये 83 पैसे प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है। वहीं चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 107 रुपये 77 पैसे और डीजल की कीमत 99 रुपये 55 पैसे प्रति लीटर बनी हुई है। जून में कच्चे तेल में आई 9 प्रतिशत की तेजी के बाद अब सबकी नजरें तेल कंपनियों के अगले कदम पर टिकी हैं।
