ईरान ने 72 घंटों में कुवैत पर किए 2 बड़े हमले, अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना

ईरान ने अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच पिछले 72 घंटों में कुवैत पर दो बड़े हमले किए हैं। कुवैत में मौजूद 13000 अमेरिकी जवानों और 7 सैन्य अड्डों को निशाना बनाते हुए ईरान ने मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया है।

मध्य पूर्व में युद्ध के बादल गहराते जा रहे हैं क्योंकि ईरान ने पिछले 72 घंटों के भीतर कुवैत पर दो बड़े हमले करके क्षेत्र में खलबली मचा दी है। यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हालिया जवाबी हमलों के विरोध में की गई है। ईरान ने स्पष्ट रूप से कुवैत को अपने निशाने पर लिया है क्योंकि वहां अमेरिका की बड़ी सैन्य मौजूदगी है। कुवैती सेना के अनुसार, ईरान इन हमलों के लिए आधुनिक ड्रोन और मिसाइलों का उपयोग कर रहा है और ईरान का कहना है कि वह अमेरिका से बदला लेने के लिए कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बना रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अपने चरम पर है।

कुवैत में अमेरिकी सैन्य शक्ति का केंद्र

कुवैत भौगोलिक रूप से फारस की खाड़ी के एक छोर पर स्थित है और ईरान का पड़ोसी मुल्क है और अमेरिका के लिए कुवैत एक रणनीतिक गढ़ है, जहां उसके कम से कम 7 बड़े सैन्य बेस सक्रिय हैं। इन ठिकानों में कैंप अरिफिजान, कैंप बुहिरिंग और अल सलेम एयरबेस सबसे महत्वपूर्ण हैं। द हिल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कुवैत में वर्तमान में लगभग 13000 अमेरिकी जवान तैनात हैं। इतनी बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों और सैन्य संसाधनों की मौजूदगी के कारण ईरान ने कुवैत को अपने प्रतिशोध का केंद्र बनाया है और ईरान का मानना है कि इन ठिकानों पर हमला करके वह सीधे तौर पर अमेरिका को नुकसान पहुंचा सकता है।

यूएई को छोड़कर कुवैत पर हमले की वजह

अब तक के इतिहास में ईरान ने अमेरिका से बदला लेने के लिए सबसे ज्यादा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को निशाना बनाया था और फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले संघर्षों के दौरान तेहरान ने यूएई पर करीब 2400 हमले किए थे। लेकिन इस बार ईरान ने अपनी रणनीति बदलते हुए कुवैत को चुना है।

  • पलटवार का डर: संयुक्त अरब अमीरात के पास ईरान पर पलटवार करने की मजबूत क्षमता है।

    अमेरिका की कार्रवाई और ट्रंप का नया प्रस्ताव

    दूसरी ओर, अमेरिका भी ईरान पर लगातार दबाव बना रहा है। अमेरिका ने पहले ईरान के तेल टैंकरों को निशाना बनाया और फिर रविवार को ईरान के एक द्वीप पर हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने पुष्टि की है कि यह द्वीप एक सैन्य ठिकाना था। यह सैन्य टकराव उस समय हो रहा है जब दोनों देशों के बीच समझौते को लेकर पर्दे के पीछे बातचीत भी चल रही है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते के लिए ईरान को एक नया प्रस्ताव भेजा है। एक तरफ युद्ध जैसी स्थिति और दूसरी तरफ कूटनीतिक प्रस्तावों का दौर यह दर्शाता है कि क्षेत्र की स्थिति कितनी जटिल हो चुकी है, जिसमें कुवैत अब मुख्य युद्धक्षेत्र बनता जा रहा है।