जयपुर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 16 साल की छात्रा वंशिका का शव एक अपार्टमेंट के पोर्च में मिला है। 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली वंशिका की मौत की खबर ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। शुक्रवार शाम को वह अपने घर से साइकिल चलाने के लिए निकली थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटी। शनिवार सुबह उसका शव मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है और इस मामले में राजस्थान की एक महिला विधायक के परिवार का नाम सामने आने के बाद मामला और भी गरमा गया है।
परिजनों के गंभीर आरोप और विधायक का कनेक्शन
मृतका की मां संतोष गर्ग ने इस मामले में बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी की बातचीत इंस्टाग्राम के जरिए एक लड़के से होती थी। संतोष गर्ग के अनुसार, उन्हें कुछ दिन पहले ही इस बात की जानकारी मिली थी कि वंशिका उस लड़के के संपर्क में है। जब उन्होंने अपनी बेटी को उस लड़के से बात करने से मना किया और खुद उस लड़के से संपर्क किया, तो उसने कथित तौर पर उन्हें धमकी दी थी। मां का दावा है कि वह लड़का बामनवास से कांग्रेस विधायक इंदिरा मीणा का दोहिता है। परिजनों का आरोप है कि उसी लड़के ने वंशिका का अपहरण किया और फिर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में विधायक इंदिरा मीणा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
घटना का घटनाक्रम और सीसीटीवी फुटेज
वंशिका का परिवार सेक्टर 26 में रहता है, जबकि उसकी मां की साड़ी की दुकान सेक्टर 17 में स्थित है। शुक्रवार शाम करीब 7 बजे वह दुकान से साइकिल चलाने के लिए निकली थी। जब वह काफी देर तक नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। शनिवार सुबह करीब 6 बजे बी ब्लॉक के पोर्च में उसकी लाश मिली। पुलिस को अपार्टमेंट की 13वीं मंजिल से बच्ची का चश्मा और चप्पल बरामद हुए हैं। सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आया है कि छात्रा शाम 7:20 बजे अपार्टमेंट के गेट नंबर 2 से अंदर दाखिल हुई थी। उस समय गार्ड गाड़ियों की एंट्री करने में व्यस्त थे, जिसका फायदा उठाकर वह अंदर चली गई। इसके बाद वह ए ब्लॉक की लिफ्ट से 13वें फ्लोर पर पहुंची। हालांकि, 13वीं मंजिल पर कैमरा नहीं होने के कारण वहां क्या हुआ, यह अभी भी एक रहस्य बना हुआ है।
पुलिस की जांच और परिजनों का प्रदर्शन
छात्रा के पिता सुभाष गर्ग ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने सुबह शव मिलने के बावजूद उन्हें समय पर सूचना नहीं दी। उन्होंने बताया कि जब वह खुद वहां पहुंचे और गार्ड से पूछताछ की, तब उन्हें घटना का पता चला। वर्तमान में परिजन न्याय की मांग को लेकर आरयूएचएस अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक सिंघल ने बताया कि परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर पहले गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया था, जिसे अब मुकदमे में बदल दिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि वंशिका 13वीं मंजिल पर क्यों गई थी और यह आत्महत्या है या हत्या।
