Jaisalmer Missile Misfire / जैसलमेर में सैन्य अभ्यास के दौरान मिसाइल मिसफायर, गांव के पास गिरी; दहशत, कोई जनहानि नहीं

जैसलमेर में सैन्य अभ्यास के दौरान एक मिसाइल अपने लक्ष्य से भटककर भादरिया गांव से 500 मीटर पहले गिरी। तेज धमाके से आसपास के गांवों में दहशत फैल गई, लेकिन किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है। सेना और स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मलबे को हटाया और जांच शुरू कर दी है।

जैसलमेर के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में शनिवार शाम एक सैन्य अभ्यास के दौरान भारतीय वायु सेना (IAF) की एक मिसाइल अपने निर्धारित लक्ष्य से भटक गई। यह घटना शाम करीब 4 बजे हुई, जब दागी गई मिसाइल रेंज के पास स्थित भादरिया गांव से मात्र 500 मीटर की दूरी पर जमीन पर आ गिरी और मिसाइल के गिरने से एक जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के ग्रामीण इलाकों में, विशेषकर लगभग 3 हजार की आबादी वाले भादरिया गांव में, तत्काल दहशत फैल गई।

घटना का विस्तृत विवरण

यह घटना भारतीय वायु सेना के एक नियमित सैन्य अभ्यास का हिस्सा थी, जो अपनी परिचालन तैयारियों और हथियारों की सटीकता का परीक्षण करने के लिए आयोजित किया जाता है। शनिवार को पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में ऐसे ही एक अभ्यास के दौरान, एक मिसाइल को दागा गया। हालांकि, अज्ञात कारणों से, मिसाइल ने अपने इच्छित प्रक्षेपवक्र से विचलन किया और लक्ष्य क्षेत्र से बाहर जा गिरी। यह विचलन एक गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय बन गया, खासकर जब मिसाइल आबादी वाले क्षेत्र के इतने करीब गिरी।

तेज धमाका और ग्रामीणों में दहशत

मिसाइल के जमीन पर गिरते ही एक भीषण धमाका हुआ, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया और भादरिया गांव के निवासियों ने, जो अक्सर सैन्य अभ्यासों की आवाजें सुनते रहते हैं, इस बार के धमाके को असामान्य रूप से तेज और करीब पाया। धमाके की गूंज इतनी तीव्र थी कि कई ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल आए, यह जानने के लिए कि क्या हुआ है। शुरुआती क्षणों में भ्रम और भय का माहौल था, क्योंकि किसी को भी यह स्पष्ट। नहीं था कि यह धमाका किस चीज का था और क्या इससे कोई खतरा है। गांव के लोग एक-दूसरे से जानकारी साझा करने की कोशिश कर रहे थे, और हर कोई अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित था।

तत्काल प्रतिक्रिया और बचाव कार्य

घटना की सूचना मिलते ही, स्थानीय पुलिस और भारतीय सेना की टीमें तुरंत हरकत में आईं और उन्होंने तत्काल घटनास्थल की ओर प्रस्थान किया और कुछ ही समय में भादरिया गांव के पास मिसाइल के गिरने वाले स्थान पर पहुंच गईं। क्षेत्र को तुरंत सुरक्षित कर लिया गया ताकि किसी भी संभावित खतरे को रोका जा। सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी नागरिक मलबे के पास न जाए। सेना के अधिकारियों ने स्थिति का आकलन किया और यह सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया कि कोई और खतरा न हो और मिसाइल के सभी टुकड़े बरामद किए जा सकें।

जनहानि से बचाव एक बड़ी राहत

सर्च ऑपरेशन के दौरान, सेना के जवानों ने मिसाइल के पिछले हिस्से के मलबे को बरामद किया। इस मलबे को एक पिकअप गाड़ी में लादकर फील्ड फायरिंग रेंज के भीतर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और हालांकि, मिसाइल के अन्य छोटे टुकड़ों की तलाश जारी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी खतरनाक अवशेष खुले में न रहे। सैन्य सूत्रों ने पुष्टि की है कि मिसाइल के मिसफायर। होने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। इस जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि तकनीकी खराबी थी। या कोई मानवीय त्रुटि, जिसके कारण मिसाइल अपने लक्ष्य से भटक गई। इस घटना का सबसे राहत भरा पहलू यह रहा कि किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। मिसाइल का गांव से 500 मीटर दूर गिरना एक संयोग था, जिसने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, हालांकि शुरुआती दहशत का असर अभी भी महसूस किया जा रहा है। सेना ने स्थानीय आबादी को सुरक्षा का आश्वासन दिया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का संकल्प लिया है। यह घटना सैन्य अभ्यासों में सुरक्षा प्रोटोकॉल के महत्व को रेखांकित करती है।

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