श्रीनगर / कश्मीर में शांतिपूर्वक हुई ईद की नमाज, डोभाल ने किया हवाई सर्वे

Zoom News : Aug 12, 2019, 04:27 PM
केन्द्र शासित प्रदेश प्रस्ताव की मंजूरी के बाद सोमवार को कश्मीर में सोमवार की सुबह मस्जिदों में ईद-उल-अजहा की नमाज शांतिपूर्वक अदा की गई, लेकिन कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लगे होने के कारण सड़कों से त्योहार की रौनक नजर नहीं आई। दूसरी ओर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने घाटी का हवाई सर्वे कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। 

केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार जम्मू कश्मीर में लोग नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में बाहर निकले। श्रीनगर और शोपियां में प्रमुख मस्जिदों में नमाज अदा की गयी। प्रशासन ने पहले ही कह दिया था कि कहा था कि लोगों को नमाज अदा करने के लिए पास की मस्जिदों में जाने की इजाजत होगी। अजीत डोभाल ने घाटी की सुरक्षा स्थिति का जायजा लेने के लिए शहर और दक्षिण कश्मीर के इलाकों का सोमवार को हवाई सर्वेक्षण किया।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने भी इस अवसर पर ट्वीट किया, ‘घाटी के अनेक हिस्सों में ईद की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से अदा की गई। अभी तक किसी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है।’ खबरों में यह भी कहा गया है कि अफसरों ने मस्जिदों में मिठाइयां भी बांटीं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट करके बताया कि ‘ बारामूला, बडगाम, अनंतनाग, बांदीपुर में बिना किसी अप्रिय घटना के सभी मस्जिदों में शांतिपूर्ण ढंग से ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई।’’ उनके अनुसार करीब पांच हजार लोगों ने जम्मू ईदगाह में नमाज अदा की। ईद-उल-अजहा के मौके पर त्योहार की खरीदारी के लिए घाटी में प्रतिबंधों में थोड़ी छूट दी गई थी।

गौरतलब है कि पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य के दर्जे को समाप्त करने और राज्य को दो हिस्सों में बांटने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद से घाटी में आवाजाही पर प्रतिबंध है और संचार सुविधा बंद कर दी गयी है। इससे घाटी में जनजीवन प्रभावित है। सरकार का कहना है कि जिला प्रशासन लगातार जम्मू-कश्मीर में स्थिति की समीक्षा कर रहा है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रतिबंधों से लोगों को कम से कम परेशानी हो। इस संबंध में एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सरकार ने कश्मीर घाटी में पर्याप्त भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की है और कुछ सामग्री घरों तक पहुंचाए जाने की व्यवस्था करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। ज्ञातव्य है कि भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने की गत बुधवार को घोषणा की थी। उससे पहले इससे संबंधित प्रस्ताव को संसद के दोनों सदनों ने मंजूरी दी थी। शनिवार को कोविंद ने जम्मू कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों- जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांटने के संसद से पारित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। ये दोनों केंद्रशासित प्रदेश 31 अक्टूबर को अस्तित्व में आ जायेंगे। हालांकि कुछ मीडिया समूहों में गोलीबारी जैसी घटना की बात सामने आई, लेकिन प्रशासन ने इसे सिरे से नकारा है। 

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