महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) सहित राज्य की कुल 29 महानगरपालिकाओं के चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इस घोषणा के साथ ही राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे और राज्य चुनाव आयोग के सेक्रेटरी सुरेश काकानी ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए विस्तृत चुनाव कार्यक्रम प्रस्तुत किया। यह चुनाव एक ही चरण में आयोजित किए जाएंगे, जिसमें। तीन करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
चुनाव की मुख्य तिथियां और कार्यक्रम
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार, इन महत्वपूर्ण चुनावों के लिए मतदान 15 जनवरी 2026 को होगा और इसके ठीक अगले दिन, यानी 16 जनवरी 2026 को वोटों की गिनती की जाएगी और चुनाव के नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। यह घोषणा उन सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए एक स्पष्ट रोडमैप। प्रदान करती है जो इन स्थानीय निकायों में अपनी जगह बनाना चाहते हैं। चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव एक साथ, एक ही चरण में संपन्न कराए जाएंगे, जिससे चुनावी प्रक्रिया में एकरूपता और दक्षता सुनिश्चित हो सके।
नामांकन और उम्मीदवारी की प्रक्रिया
चुनाव प्रक्रिया का पहला महत्वपूर्ण चरण नामांकन पत्र दाखिल करने का है। उम्मीदवारों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की तारीखें 26 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 30 दिसंबर 2025 तक निर्धारित की गई हैं और यह अवधि इच्छुक उम्मीदवारों को अपने कागजात तैयार करने और जमा करने के लिए पर्याप्त समय देगी। नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) 31 दिसंबर 2025 को की जाएगी, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी आवेदन नियमानुसार भरे गए हैं। इसके बाद, उम्मीदवारों को अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के लिए 2 जनवरी 2026 तक का समय दिया जाएगा। यह वह चरण होता है जब कई उम्मीदवार रणनीतिक कारणों से या गठबंधन के दबाव में अपनी उम्मीदवारी वापस ले लेते हैं। अंततः, 3 जनवरी 2026 को चुनाव चिन्हों का वितरण किया जाएगा और अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी जाएगी, जिसके बाद चुनावी प्रचार अभियान पूरी गति से शुरू हो जाएगा।
मतदान प्रक्रिया और आचार संहिता
महाराष्ट्र में इन 29 महानगरपालिकाओं के लिए मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के माध्यम से करवाया जाएगा। यह आधुनिक तकनीक मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और कुशल बनाने में मदद करती है। राज्य में कुल 29 महानगरपालिकाएं हैं और इन चुनावों के माध्यम से कुल 2869 पार्षदों का चुनाव किया जाएगा और इन पार्षदों का चुनाव शहरी स्थानीय निकायों के कामकाज और विकास के लिए महत्वपूर्ण होगा। चुनाव आयोग द्वारा तारीख की घोषणा किए जाने के साथ ही सोमवार से महानगरपालिका चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। आचार संहिता का उद्देश्य निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करना है, जिसके तहत राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों पर कई तरह के प्रतिबंध लागू होते हैं। मतदान की तारीख से 24 घंटे पहले चुनाव प्रचार थम जाएगा,। जिससे मतदाताओं को शांतिपूर्वक अपने निर्णय लेने का अवसर मिल सके।
मतदाता सूची और दोहरे नाम की समस्या
चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से संबंधित एक महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की है। बताया गया है कि मतदाता सूची में जिन मतदाताओं के नाम दो। बार दर्ज हैं, उनके नाम के सामने 'डबल स्टार' का निशान होगा। ऐसे मतदाताओं से यह लिखित में लिया जाएगा कि वे किस एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डालेंगे। इसके साथ ही, उनसे एक शपथपत्र भी लिया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे। केवल एक ही स्थान पर मतदान करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचा जा सके। यह कदम मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखने और फर्जी मतदान को रोकने के लिए उठाया गया है। आयोग का यह प्रयास निष्पक्ष और विश्वसनीय चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
चुनाव का महत्व और भविष्य की दिशा
ये महानगरपालिका चुनाव महाराष्ट्र के शहरी परिदृश्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ये चुनाव न केवल स्थानीय शासन की दिशा तय करेंगे। बल्कि राज्य की राजनीतिक गतिशीलता पर भी गहरा प्रभाव डालेंगे। चुने गए पार्षद अपने-अपने वार्डों में विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं और स्थानीय नीतियों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन चुनावों के परिणाम अक्सर राज्य स्तरीय राजनीति के लिए एक बैरोमीटर के रूप में भी देखे जाते हैं, जो आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए राजनीतिक दलों की स्थिति का संकेत देते हैं और सभी राजनीतिक दल इन चुनावों में अपनी पूरी ताकत झोंक देंगे, क्योंकि शहरी क्षेत्रों में मजबूत पकड़ बनाना उनके लिए भविष्य की रणनीतियों का आधार होगा। आयोग की घोषणा के बाद से, अब सभी की निगाहें चुनावी अभियान और उम्मीदवारों के प्रदर्शन पर टिकी होंगी।
