स्थानीय / मोहन से महात्मा का संदेश, पर्यटन मंत्री ने गांधी संदेश यात्रा को रवाना किया

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Aug 12, 2019, 06:10 PM

जयपुर | राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वें जयन्ती वर्ष पर राज्यभर में आयोजित हो रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में सोमवार को भरतपुर जिले में विभिन्न कार्यक्रमों का शुभारम्भ हुआ। जिला मुख्यालय पर गांधी संदेश यात्रा निकाली गई व गांधीजी के जीवन दर्शन और उनके विचारों पर आधारित तीन दिवसीय चित्र प्रदर्शनी  ‘‘मोहन से महात्मा’’ का शुभारम्भ हुआ।

पर्यटन एवं देवस्थान मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने महाराजा बदन सिंह उच्च माध्यमिक विद्यालय, भरतपुर से गांधी संदेश यात्रा को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। रैली में महाराजा बदन सिंह स्कूल और मास्टर आदित्येन्द्र स्कूल समेत विभिन्न विद्यालयों के 500 बच्चे, शिक्षा विभाग के अधिकारी, विभिन्न प्रधानाध्यापक, अध्यापक व शारीरिक शिक्षक शामिल हुए। रैली शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई सूचना केन्द्र पहुंची, जहां सभी प्रतिभागियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

पर्यटन मंत्री ने बताया कि नई पीढ़ी को गांधी जी के जीवन और विचारों से परिचित करवाने के लिये ये प्रयास बहुत महत्वपूर्ण हैं। इससे युवाओं को में प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने महाराजा बदन सिंह विद्यालय परिसर का औचक निरीक्षण भी किया तथा यहां पढ़ रहे विद्यार्थियों और स्टाफ की संख्या, शैक्षणिक व्यवस्था आदि की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शहर में अंग्रेजी माध्यम का सरकारी विद्यालय खुलने से अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। इस विद्यालय में अब तक 237 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी एल रमण, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) नारायण सिंह चारण, पुलिस उप अधीक्षक परमाल सिंह, जिला कार्यक्रम संयोजक डॉ0 सौदान सिंह व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

शहीद वीरांगनाओं और स्वतन्त्रता सेनानियों ने किया उद्घाटन- रैली के बाद सूचना केन्द्र में गांधीजी के जीवन और उनके विचारों पर आधारित तीन दिवसीय चित्र प्रदर्शनी ‘‘मोहन से महात्मा’’ का शुभारम्भ जिले की 5 शहीद वीरांगनाओं और 3 स्वतन्त्रता सेनानियों ने किया। शहीद वीरांगनाओं में जयलता देवी पत्नी शहीद सिपाही रामस्वरूप, सुनीता देवी पत्नी शहीद नायक धर्मवीर सिंह, पुष्पा देवी पत्नी शहीद कांस्टेबल रनजीत सिंह, ज्ञानवती पत्नी शहीद हवलदार साहब सिंह और शहीद सूबेदार महतापसिंह की पत्नी तथा स्वतन्त्रता सेनानियों में हुकमचन्द सैनी, रामजीलाल यादव और गोपालराम सहित इनके परिजन भी उपस्थित थे। इन सभी ने गांधीजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग और महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस प्रदर्शनी मेेंं गांधी जी के बचपन, ब्रिटेन में पढ़ाई, दक्षिण अफ्रीका में वकालात के लिये जाना तथा वहां से 1915 में बदले हुये रूप में भारत लौटना, खेडा व चम्पारन आन्दोलन, असहयोग तथा सविनय अवज्ञा आन्दोलन, नमक सत्याग्रह, भारत छोड़ो आन्दोलन, देश की आजादी, विभाजन और गांधी जी की हत्या और गांधीवाद की देश और दुनिया को आवश्यकता, गांधीजी के प्रिय भजन और दुनियाभर की शख्सियतों के गांधीजी के बारे में विचारों को चित्रों के माध्यम से उकेरा गया है।