राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: 23 और 24 सितंबर को निकलेगी आरक्षण लॉटरी, तैयारियां तेज

राजस्थान में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पंचायतीराज विभाग ने 23 और 24 सितंबर को आरक्षण लॉटरी निकालने के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य 15 नवंबर 2026 तक चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह संपन्न कराना है।

राजस्थान में निकाय चुनाव की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद अब पंचायती राज चुनावों का बिगुल बज चुका है। पंचायत चुनावों को लेकर पंचायतीराज विभाग ने अपनी तैयारियों को काफी तेज कर दिया है और इसी सिलसिले में विभाग की ओर से जिला परिषद सदस्य, प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों के साथ-साथ सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए आरक्षण लॉटरी निकालने के स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह प्रक्रिया चुनाव की दिशा तय करने में सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

आरक्षण लॉटरी का विस्तृत कार्यक्रम

पंचायतीराज विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, जिला परिषद सदस्य, प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों के लिए आरक्षण की लॉटरी 23 सितंबर को जिला स्तर पर निकाली जाएगी। इसके अगले दिन यानी 24 सितंबर को सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए उपखंड स्तर पर लॉटरी निकालने का कार्य किया जाएगा। इन तारीखों के निर्धारण के साथ ही प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में चुनावी सरगर्मियां तेज होने की उम्मीद है क्योंकि आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होते ही उम्मीदवारों की तस्वीर भी साफ हो जाएगी।

प्रशासनिक आदेश और तारीखों में बदलाव

पंचायतीराज विभाग के सचिव जोगाराम की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं। इन आदेशों में स्पष्ट रूप से 23 और 24 सितंबर को आरक्षण लॉटरी निकालने की बात कही गई है। गौरतलब है कि पहले यह लॉटरी 17 और 18 सितंबर को आयोजित की जानी प्रस्तावित थी। हालांकि, निकाय चुनाव के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए चल रही चुनाव प्रक्रिया के कारण इन तारीखों में बदलाव करना पड़ा। विभाग ने अब सभी जिलों के कलेक्टर और एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित नए कार्यक्रम के अनुसार आरक्षण लॉटरी की सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर लें।

Panchayat Elections

हाईकोर्ट का आदेश और समय सीमा

राजस्थान हाईकोर्ट के 20 जुलाई 2026 के आदेश का हवाला देते हुए बताया गया है कि राज्य सरकार पंचायतीराज चुनावों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 15 नवंबर 2026 तक चुनाव की पूरी प्रक्रिया को संपन्न कर लिया जाए। हाईकोर्ट के निर्देशों के पालन में प्रशासन अब युद्ध स्तर पर काम कर रहा है ताकि किसी भी स्तर पर देरी न हो।

चुनाव प्रक्रिया का अगला चरण

आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य में चुनावी गतिविधियों का अगला चरण शुरू होगा। इसमें मतदाता सूची का अपडेशन, नामांकन दाखिल करना और अंत में मतदान की प्रक्रिया शामिल है और आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही गांवों में चुनावी समीकरण तेजी से बदल सकते हैं। संभावित उम्मीदवार अब अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ाएंगे और राजनीतिक दल भी स्थानीय स्तर पर मजबूत प्रत्याशियों के चयन को लेकर अपनी रणनीति को अंतिम रूप देंगे।