रूस का भारत को बड़ा भरोसा: हॉर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बीच ऊर्जा आपूर्ति की गारंटी

ईरान-अमेरिका तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से उपजे वैश्विक ईंधन संकट के बीच रूस ने भारत को ऊर्जा सुरक्षा का भरोसा दिया है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने स्पष्ट किया कि रूस भारत को तेल, गैस और कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने के कारण दुनिया भर में पैदा हुए गंभीर ईंधन संकट के बीच रूस की ओर से भारत के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। रूस ने आधिकारिक तौर पर यह वादा किया है कि वह मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत की एनर्जी सप्लाई को किसी भी कीमत पर रुकने नहीं देगा। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि रूस यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि भारत के ऊर्जा हित पूरी तरह से सुरक्षित रहें और उनमें कोई व्यवधान न आए।

रूसी विदेश मंत्री ने दी ऊर्जा आपूर्ति की पूर्ण गारंटी

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत को आश्वस्त करते हुए कहा कि वह इस बात की व्यक्तिगत रूप से गारंटी दे सकते हैं कि रूस की ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े भारत के हितों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि रूस हरसंभव कोशिश करेगा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाला कोई भी गलत कॉम्पिटिशन या बाहरी दबाव भारत और रूस के बीच हुए द्विपक्षीय समझौतों को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचा सके और लावरोव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने का डर सता रहा है।

भारत को हाइड्रोकार्बन की निर्बाध आपूर्ति रहेगी जारी

रूसी विदेश मंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष बल दिया कि रूस ने ऊर्जा क्षेत्र में कभी भी भारत या अपने किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदार के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में कोताही नहीं बरती है। उन्होंने कहा कि रूस अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह से निभाने के लिए जाना जाता है। भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, रूस गैस, तेल और कोयले जैसे महत्वपूर्ण हाइड्रोकार्बन की सप्लाई को लगातार और बिना किसी रुकावट के जारी रखे हुए है और रूस का यह रुख स्पष्ट करता है कि वह भारत की ऊर्जा सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता मानता है।

रणनीतिक साझेदारी और ऊर्जा सुरक्षा का नया आयाम

लावरोव ने अपने बयान में यह भी संकेत दिया कि मौजूदा वैश्विक संकट के इस दौर में रूस और भारत अपने ऊर्जा सहयोग (Energy Cooperation) को और अधिक मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत और रूस के बीच की स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप अब केवल रक्षा और कूटनीति के क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं रह गई है, बल्कि अब 'एनर्जी सिक्योरिटी' (Energy Security) भी इस साझेदारी का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। पश्चिम एशिया में तेजी से बदलती परिस्थितियों और अस्थिरता के बीच, रूस भारत के लिए एक अत्यंत भरोसेमंद और स्थिर एनर्जी पार्टनर के रूप में मजबूती से खड़ा रहेगा।

हॉर्मुज संकट के बीच भारतीय बाजार के लिए बड़ी राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) लंबे समय तक प्रभावित रहता है या बंद रहता है, तो वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मच सकती है। चूंकि भारत अपनी ईंधन की जरूरतों का एक बहुत बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है, इसलिए रूस की ओर से दिया गया यह भरोसा भारत सरकार और भारतीय बाजार दोनों के लिए अत्यंत राहत देने वाली खबर है। रूस के इस कदम से न केवल कच्चे तेल (Crude Oil) की आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलेगी, बल्कि इससे घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों पर पड़ने वाले संभावित दबाव को कम करने में भी सहायता प्राप्त होगी।