भारतीय क्रिकेट टीम के युवा और होनहार बल्लेबाज शुभमन गिल, जिन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज में टीम इंडिया की कप्तानी करनी है, हाल ही में अपने खराब फॉर्म को लेकर सुर्खियों में हैं। न्यूजीलैंड सीरीज के आगाज से ठीक पहले, गिल ने विजय हजारे ट्रॉफी में अपना पहला मुकाबला खेला, लेकिन उनके बल्ले से रन नहीं निकले, जो भारतीय टीम प्रबंधन और प्रशंसकों के लिए चिंता का सबब बन गया है।
विजय हजारे ट्रॉफी में निराशाजनक प्रदर्शन
शुभमन गिल ने मंगलवार को विजय हजारे ट्रॉफी में पंजाब के लिए अपना पहला मैच खेला, जहां उनका सामना गोवा से था। इस मुकाबले में पंजाब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 211 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। जब पंजाब की बल्लेबाजी की बारी आई, तो सभी की निगाहें सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल पर टिकी थीं। उम्मीद थी कि वे एक बड़ी पारी खेलकर अपनी फॉर्म वापस पाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। गिल ने पारी की शुरुआत में कुछ आकर्षक स्ट्रोक जरूर खेले, जिससे लगा कि वे लय में आ रहे हैं, लेकिन वे अपनी पारी को लंबा नहीं खींच पाए और मात्र 12 गेंदों का सामना करते हुए उन्होंने केवल 11 रन बनाए और सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौट गए। यह प्रदर्शन निश्चित रूप से उनकी आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के लिए एक बड़ा झटका है।
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अर्धशतक का सूखा
शुभमन गिल का यह खराब फॉर्म केवल घरेलू क्रिकेट तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पिछले कुछ समय से वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पिछले 10 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में उनके बल्ले से एक भी अर्धशतक नहीं निकला है, जो एक सलामी बल्लेबाज के लिए चिंताजनक आंकड़ा है। यह दर्शाता है कि उन्हें अपनी बल्लेबाजी में सुधार करने और बड़ी पारियां खेलने की सख्त जरूरत है, खासकर जब वे टीम की कमान संभालने वाले हों।
पिछली वनडे सीरीज और चोट का प्रभाव
न्यूजीलैंड सीरीज से पहले, शुभमन गिल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई तीन वनडे मैचों की सीरीज में भी कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया था। उस सीरीज के पहले मैच में उन्होंने 15 रन बनाए, दूसरे मैच में 46 रनों की पारी खेली, और तीसरे मैच में 29 रन बनाकर नाबाद रहे। हालांकि, ये स्कोर उनकी क्षमता के अनुरूप नहीं थे और वे किसी भी मैच में अर्धशतक तक नहीं पहुंच पाए। इसके बाद, जब भारत ने दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया और वहां वनडे सीरीज खेली गई, तो गिल चोटिल होने के कारण उस सीरीज में हिस्सा नहीं ले पाए थे। चोट से वापसी के बाद विजय हजारे में उनका यह। प्रदर्शन उनकी फिटनेस और फॉर्म दोनों पर सवाल खड़े करता है।
न्यूजीलैंड सीरीज का महत्व और भविष्य की चुनौतियां
भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज का आगाज 11 जनवरी से हो रहा है, और इस सीरीज में शुभमन गिल को टीम इंडिया की कप्तानी सौंपी गई है। विजय हजारे ट्रॉफी में उनके खराब प्रदर्शन को देखते हुए, इस बात की संभावना कम ही है कि वे न्यूजीलैंड सीरीज से पहले कोई और घरेलू मैच खेल पाएंगे। इसका मतलब है कि उन्हें इसी खराब फॉर्म के साथ न्यूजीलैंड के खिलाफ मैदान में उतरना होगा, जो उनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी और यह सीरीज गिल के लिए खुद को साबित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि इसके बाद भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों की सीरीज भी खेली जाएगी।
फरवरी में होने वाले आगामी टी20 विश्व कप के लिए शुभमन गिल का चयन नहीं हुआ है, जिसका अर्थ है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ ये तीन वनडे मैच ही उनके लिए अपनी फॉर्म और क्षमता को प्रदर्शित करने का एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय मंच होंगे। इन तीन मैचों के बाद, गिल सीधे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में ही खेलते हुए नजर आएंगे और ऐसे में, न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका प्रदर्शन न केवल टीम इंडिया के लिए महत्वपूर्ण होगा, बल्कि उनके अपने व्यक्तिगत करियर और आत्मविश्वास के लिए भी बेहद अहम साबित होगा। उन्हें इस मौके का फायदा उठाकर अपने बल्ले की जंग को दूर करना होगा और एक बार फिर से रन बनाने की लय हासिल करनी होगी।