भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही टी20 सीरीज में कैरेबियाई टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है। वनडे सीरीज में हार का सामना करने के बाद वेस्टइंडीज ने टी20 सीरीज में जबरदस्त वापसी की है और अब सीरीज को बराबरी पर ला खड़ा किया है। हैदराबाद के मैदान पर खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और सटीक गेंदबाजी के दम पर टीम इंडिया को 24 रन से शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही 5 मैचों की यह रोमांचक सीरीज अब 2-2 की बराबरी पर पहुंच गई है, जिससे अंतिम मैच अब निर्णायक बन गया है।
शे होप का शतक और कीमो पॉल का पंजा
वेस्टइंडीज की इस जीत के सबसे बड़े नायक उनके कप्तान शे होप रहे। शे होप इस पूरे दौरे पर भारतीय गेंदबाजों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हुए हैं। उन्होंने हैदराबाद में शानदार बल्लेबाजी करते हुए सीरीज का अपना दूसरा शतक जड़ा। उनकी इस शतकीय पारी ने वेस्टइंडीज को एक मजबूत स्कोर तक पहुंचाया, जिसका पीछा करना भारत के लिए कठिन साबित हुआ। बल्लेबाजी के बाद गेंदबाजी में ऑलराउंडर कीमो पॉल ने अपना जलवा दिखाया और कीमो पॉल ने भारतीय बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस करते हुए 5 विकेट चटकाए। उनकी घातक गेंदबाजी की वजह से टीम इंडिया लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही रुक गई और उसे 24 रन की हार का सामना करना पड़ा।
गौतम गंभीर के जन्मदिन का जश्न हुआ फीका
बुधवार 14 अक्टूबर का दिन भारतीय क्रिकेट टीम के लिए बेहद खास तरीके से शुरू हुआ था। यह दिन टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर का जन्मदिन था। अपने जीवन के 45 साल पूरे करने वाले गंभीर को उम्मीद थी कि उनकी टीम उन्हें जीत का तोहफा देगी। अगर टीम इंडिया हैदराबाद में यह चौथा टी20 मैच जीत लेती, तो वह सीरीज पर भी कब्जा कर लेती। इससे कोच गंभीर के 45वें जन्मदिन का जश्न दोगुना हो जाता। हालांकि, वेस्टइंडीज के कप्तान शे होप ने अपनी बेहतरीन पारी से भारतीय टीम के इन अरमानों पर पानी फेर दिया। गंभीर के लिए यह जन्मदिन हार के साथ समाप्त हुआ, क्योंकि टीम इंडिया सीरीज जीतने का मौका चूक गई।
सीरीज अब निर्णायक मोड़ पर
इस हार के साथ ही भारतीय टीम के पास सीरीज जीतने का जो मौका था, वह फिलहाल टल गया है। वेस्टइंडीज ने इस टी20 सीरीज में अब तक दो बार वापसी करते हुए खुद को साबित किया है। हैदराबाद की हार टीम इंडिया के लिए एक सबक की तरह है, जहां वे लक्ष्य को हासिल करने में विफल रहे। अब सीरीज 2-2 की बराबरी पर है और अंतिम मैच दोनों टीमों के लिए फाइनल की तरह होगा। भारतीय टीम को अब अपनी गलतियों को सुधारकर मैदान पर उतरना होगा ताकि वे सीरीज अपने नाम कर सकें, जबकि वेस्टइंडीज की नजरें इस लय को बरकरार रखते हुए सीरीज जीतने पर होंगी।
