डैंड्रफ के साथ संघर्ष कई लोगों के लिए एक आम अनुभव है। अक्सर देखा जाता है कि लोग बाल धोते हैं, एंटी-डैंड्रफ शैंपू का उपयोग करते हैं और कुछ दिनों तक उनकी स्कैल्प बिल्कुल साफ रहती है। लेकिन फिर अचानक कंधों पर सफेद परतें दिखने लगती हैं, सिर में खुजली शुरू हो जाती है और वही पुराना डैंड्रफ वापस आ जाता है। यही वजह है कि बहुत से लोग परेशान होकर यह सवाल पूछते हैं कि जब डैंड्रफ एक बार ठीक हो गया था, तो वह फिर से लौटकर कैसे आ जाता है? विशेषज्ञों का कहना है कि डैंड्रफ हर व्यक्ति के लिए एक जैसी समस्या नहीं होती है। कुछ लोगों के लिए यह कभी-कभार होने वाली चीज है, जबकि कुछ लोगों को इससे बार-बार और लंबे समय तक जूझना पड़ता है।
डैंड्रफ की क्रॉनिक प्रकृति
डर्मेटोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. जांगड़ा के अनुसार, डैंड्रफ कई लोगों में क्रॉनिक यानी लंबे समय तक बनी रहने वाली समस्या हो सकती है। ऐसे मामलों में, इसे हमेशा के लिए खत्म करने की कोशिश करने के बजाय, इसे लंबे समय तक कंट्रोल में रखने पर ध्यान दिया जाता है। डॉक्टर बताते हैं कि डैंड्रफ को पूरी तरह जड़ से मिटाने की उम्मीद करने के बजाय इसे सही देखभाल के जरिए नियंत्रित करना अधिक व्यावहारिक दृष्टिकोण है।
डैंड्रफ के पीछे का वैज्ञानिक कारण
डॉक्टर बताते हैं कि हमारी स्कैल्प में छोटी-छोटी सेबेशियस ग्लैंड्स होती हैं, जो सीबम नाम का प्राकृतिक तेल बनाती हैं। कुछ लोगों में ये ग्लैंड्स ज्यादा सक्रिय हो सकती हैं, जिससे स्कैल्प ज्यादा ऑयली रहती है। स्कैल्प का यह तेल मालासेज़िया (Malassezia) नाम के यीस्ट के बढ़ने के लिए अनुकूल माहौल बना सकता है। यह यीस्ट सामान्य रूप से इंसानों की त्वचा पर पाया जा सकता है, लेकिन कुछ लोगों में इसके साथ स्कैल्प की प्रतिक्रिया बढ़ने लगती है और नतीजा यह होता है कि स्कैल्प की कोशिकाएं तेजी से झड़ने लगती हैं और वे सफेद या पीले फ्लेक्स के रूप में दिखाई देने लगती हैं। यही कारण है कि एक ही घर में रहने वाले 2 लोगों में से 1 को बार-बार डैंड्रफ हो सकता है, जबकि दूसरे को नहीं।
स्कैल्प की सफाई का महत्व
सिर्फ शैंपू करना ही काफी नहीं है, बल्कि सही तरीके से स्कैल्प की सफाई करना भी बहुत जरूरी है। कई बार समस्या तब और बढ़ जाती है जब लोग बाल तो धोते हैं लेकिन स्कैल्प की सफाई पर्याप्त नहीं होती है। तेल, मृत त्वचा कोशिकाएं और दूसरी गंदगी धीरे-धीरे स्कैल्प पर जमा होने लगती है। डॉ और जांगड़ा के मुताबिक, पर्याप्त सफाई न होने पर डेड सेल्स और डेब्रिस स्कैल्प पर इकट्ठा हो सकते हैं, जिससे फ्लेकिंग ज्यादा नजर आने लगती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि रोज कई बार सिर धोया जाए। जरूरत से ज्यादा या गलत शैंपू का इस्तेमाल भी स्कैल्प को परेशान कर सकता है। इसलिए हेयर वॉश की फ्रीक्वेंसी व्यक्ति की स्कैल्प और बालों की जरूरत के हिसाब से होनी चाहिए।
मेंटेनेंस की आवश्यकता
यह डैंड्रफ से जुड़ी सबसे बड़ी चुनौती है। अगर किसी व्यक्ति की स्कैल्प स्वाभाविक रूप से ज्यादा ऑयली है या उसे बार-बार डैंड्रफ होने की प्रवृत्ति है, तो सिर्फ कुछ दिनों के इलाज के बाद समस्या को पूरी तरह खत्म नहीं माना जा सकता है। एंटी-डैंड्रफ शैंपू और सही स्कैल्प केयर से फ्लेक्स और खुजली को कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन कई लोगों को बाद में मेंटेनेंस रूटीन की जरूरत पड़ सकती है। जैसे ही शैंपू का इस्तेमाल छोड़ा जाता है, डैंड्रफ फिर से लौट सकता है क्योंकि स्कैल्प का प्राकृतिक वातावरण वैसा ही बना रहता है। इसलिए, इसे लंबे समय तक नियंत्रित रखने के लिए नियमित देखभाल अनिवार्य है।
