British MP Bob Blackman / ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन का बड़ा बयान- 'पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बने, PoK भी शामिल हो'

ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने कहा है कि पूरा जम्मू-कश्मीर, जिसमें PoK भी शामिल है, भारत का अभिन्न अंग होना चाहिए। उन्होंने अनुच्छेद 370 को खत्म करने की अपनी तीन दशक पुरानी मांग को दोहराया और पाकिस्तान को 'नाकाम देश' बताया। ब्लैकमैन ने आतंकवाद की निंदा की और ब्रिटेन सरकार से भारत के साथ खड़े होने का आग्रह किया।

ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने जम्मू-कश्मीर को लेकर एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने भारत के रुख के लिए अपने लंबे समय से चले आ रहे समर्थन को दोहराया है। ब्लैकमैन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पूरा जम्मू-कश्मीर, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भी शामिल है, भारत का एक अभिन्न अंग होना चाहिए। यह बयान भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति उनके दृढ़ और अटूट समर्थन को दर्शाता है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि उनका यह रुख किसी हालिया राजनीतिक घटनाक्रम से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह दशकों से उनकी गहरी समझ और प्रतिबद्धता का परिणाम है। उनके इस बयान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के पक्ष में एक मजबूत आवाज के रूप में देखा जा रहा है, जो जम्मू-कश्मीर के भविष्य को लेकर भारत की स्थिति को और मजबूत करता है।

1992 में कश्मीरी पंडितों के पलायन पर सक्रियता

ब्लैकमैन ने यह भी स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 370 को समाप्त करने की उनकी मांग तीन दशक से भी ज्यादा पुरानी है। उन्होंने कहा कि यह मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा 2019 में लिए गए फैसले से जुड़ी नहीं है, बल्कि यह उससे कहीं पहले की है और जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में एक हाई-टी कार्यक्रम में बोलते हुए, ब्लैकमैन ने विस्तार से बताया कि उनका यह रुख 1990 के दशक की शुरुआत में बना था। इस अवधि को उन्होंने विशेष रूप से कश्मीर घाटी से कश्मीरी पंडितों के बड़े पैमाने पर पलायन के बाद के रूप में चिह्नित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह एक मानवीय त्रासदी थी जिसने उन्हें इस मुद्दे पर अपनी राय बनाने और अनुच्छेद 370 को खत्म करने की वकालत करने के लिए प्रेरित किया। उनका मानना था कि यह अनुच्छेद क्षेत्र में अस्थिरता और भेदभाव का कारण बन रहा था, और इसका उन्मूलन ही न्याय और समानता सुनिश्चित करने का मार्ग था।

ब्रिटिश सांसद ने अपनी सक्रियता को याद करते हुए कहा, "मैंने सिर्फ तब अनुच्छेद 370 को खत्म करने की बात नहीं की जब प्रधानमंत्री मोदी ने इसे अपने घोषणापत्र में शामिल किया और लागू किया और मैंने यह बात 1992 में कही थी, जब कश्मीरी पंडितों को जम्मू और कश्मीर से बाहर निकाल दिया गया था। " उस समय की अपनी सक्रियता को याद करते हुए, ब्लैकमैन ने बताया कि ब्रिटेन में विस्थापित समुदाय के साथ हुए अन्याय की ओर ध्यान दिलाने के लिए उन्होंने अथक प्रयास किए थे। उन्होंने एक बड़ी बैठक का आयोजन किया था ताकि लोगों को यह बताया जा सके कि यह गलत है और यह अन्याय है कि लोगों को सिर्फ उनके धर्म के कारण उनके पैतृक घरों से बाहर निकाला जा रहा था और यह उनकी गहरी प्रतिबद्धता और मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है, जो उन्होंने दशकों पहले ही प्रदर्शित की थी, जब यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उतना मुखर नहीं था।

आतंकवाद की लगातार निंदा और पाकिस्तान पर निशाना

ब्लैकमैन ने इस क्षेत्र में होने वाले आतंकवाद की लगातार और मुखर निंदा की है। उन्होंने जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों पर पाकिस्तान के अवैध नियंत्रण की भी कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा, "मैंने ना केवल होने वाले आतंकवाद की निंदा की है, बल्कि मैंने जम्मू और कश्मीर रियासत के कुछ हिस्सों पर पाकिस्तान के अवैध कब्जे की भी निंदा की है। " उन्होंने शुरू से ही यह बात कही है कि पूरे जम्मू और कश्मीर रियासत को भारत के शासन के तहत फिर से मिला देना चाहिए और यह बयान पाकिस्तान की भूमिका पर उनके स्पष्ट और अडिग रुख को दर्शाता है, जो क्षेत्र में अस्थिरता और हिंसा को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार है। ब्लैकमैन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस अवैध कब्जे को मान्यता न देने और भारत की संप्रभुता का समर्थन करने का आग्रह किया है।

पहलगाम हमले की निंदा और ब्रिटेन सरकार से अपील

ब्लैकमैन ने पहलगाम में हुए एक आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की थी, जिसमें 26 निर्दोष लोग मारे गए थे। उस समय एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में, कंजर्वेटिव सांसद ने कहा था कि वह इस हमले से स्तब्ध हैं जिसमें निर्दोष लोगों की जान चली गई। उन्होंने इस बात पर राहत व्यक्त की कि तब से शांति बनी हुई है, लेकिन उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि स्थिति अभी भी नाजुक है और किसी भी समय बिगड़ सकती है और उन्होंने ब्रिटेन की सरकार से आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मजबूती से खड़े रहने का आग्रह किया, क्योंकि नई दिल्ली पश्चिमी देशों के साथ करीबी सुरक्षा सहयोग चाहता है। ब्लैकमैन का यह आग्रह भारत की सुरक्षा चिंताओं के प्रति ब्रिटेन के समर्थन की आवश्यकता। को रेखांकित करता है और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में एकजुटता का आह्वान करता है।

पाकिस्तान को 'नाकाम देश' बताया

इससे पहले जून में ऑपरेशन सिंदूर ग्लोबल आउटरीच कार्यक्रम के दौरान, बॉब ब्लैकमैन ने पाकिस्तान को 'नाकाम देश' बताया था। उन्होंने पाकिस्तान के नागरिक-सैन्य संतुलन पर भी गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि यह साफ नहीं है कि देश को उसके लोकतांत्रिक संस्थान चला रहे। हैं या उसके जनरल, जो देश की आंतरिक अस्थिरता और शासन की अस्पष्टता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा था कि पाकिस्तान से भारत में आतंकवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। ब्लैकमैन ने इस बात पर जोर दिया था कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए भारत के साथ एकजुटता से खड़ा होना जरूरी है ताकि आतंकवाद के इस खतरे का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके और क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।