Rajasthan Politics / CM भजनलाल ने PM के सामने बदला 'इंदिरा रसोई योजना' का नाम

राजस्थान सरकार ने शुक्रवार को अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई योजना 'इंदिरा रसोई योजना' का नाम बदल दिया है। अब यह योजना 'श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना' के नाम से जानी जाएगी। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने यहां राज्य भाजपा मुख्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में यह घोषणा की और कहा कि पुरानी योजना में कई खामियां थीं।

Rajasthan Politics: राजस्थान सरकार ने शुक्रवार को अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई योजना 'इंदिरा रसोई योजना' का नाम बदल दिया है। अब यह योजना 'श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना' के नाम से जानी जाएगी। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने यहां राज्य भाजपा मुख्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में यह घोषणा की और कहा कि पुरानी योजना में कई खामियां थीं।

वसुंधरा के शासनकाल में शुरू की थी योजना

अन्नपूर्णा योजना के नाम से यह स्कीम वसुंधरा राजे के शासनकाल में शुरू की गई थी। फिर गहलोत सरकार ने वसुंधरा सरकार के 5 रुपये में नाश्ता और 8 रुपये में खाना खिलाने वाली अन्नपूर्णा योजना का नाम बदलकर इंदिरा रसोई कर दिया था। जब गहलोत सरकार के दौरान इसका नाम बदलकर इंदिरा रसोई योजना कर दिया गया था तब बीजेपी ने जमकर हंगामा किया था और कहा था कि ऐसी क्या जरूरत आ पड़ी है कि योजना का नाम बदला जा रहा है। अब एक बार फिर से इस योजना का नाम बदलकर श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना कर दिया गया है।

कई कार्यक्रमों में भाग लेने जयपुर आए हैं PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए शुक्रवार शाम जयपुर पहुंचे हैं। इस रिपोर्ट के दाखिल होने के समय, मोदी अपनी तीन दिवसीय जयपुर यात्रा के पहले दिन राजस्थान भाजपा विधायकों, मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ चर्चा कर रहे थे। बैठक में भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे शामिल नहीं हुईं, जिससे अटकलें शुरू हो गईं। बाद में मोदी ने पार्टी पदाधिकारियों और विधायकों के साथ रात्रि भोज किया, जहां बाजरे से बने व्यंजन परोसे गए।

पार्टी नेताओं को बांट सकते हैं राम मंदिर का निमंत्रण 

पीएम मोदी आज राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में चल रही डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री पार्टी विधायकों और पदाधिकारियों के साथ भी बैठक करेंगे और उन्हें अप्रैल-मई में होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए कार्य सौंपेंगे। सूत्रों ने बताया कि पीएम 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन समारोह के लिए पार्टी नेताओं को निमंत्रण भी बांट सकते हैं।

SUBSCRIBE TO OUR NEWSLETTER