राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार 6 जून को जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री भीलवाड़ा दौरे से लौट रहे थे और इसी दौरान वे अचानक अस्पताल पहुँचे। इस औचक निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और वहां मौजूद मरीजों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने ओपीडी क्षेत्र का भी गहन निरीक्षण किया ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत को समझा जा सके और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का मूल्यांकन किया जा सके।
अनुपस्थित डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पाया कि ओपीडी समय होने के बावजूद कई डॉक्टर अपनी ड्यूटी पर तैनात नहीं थे और विशेष रूप से डॉ. ओम मील ओपीडी के समय अनुपस्थित पाए गए और डॉक्टरों की इस अनुपस्थिति पर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से संबंधित डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मरीजों की सेवा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ड्यूटी के समय डॉक्टरों की उपस्थिति अनिवार्य है।
मरीजों की सहायता और निगरानी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि मरीजों को संबंधित काउंटरों और जांच के लिए लैब तक पहुँचाने की व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाए। उन्होंने इस पूरी प्रणाली की नियमित निगरानी करने के आदेश दिए हैं। साथ ही, प्रतिदिन सहायता प्राप्त करने वाले मरीजों की संख्या का रिकॉर्ड रखने और इस व्यवस्था की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मरीजों को अस्पताल में भटकना न पड़े।
ओपीडी प्रबंधन और विभागों का स्थानांतरण
ओपीडी में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश दिए हैं और उन्होंने कार्डियोलॉजी ब्लॉक को मुख्य ओपीडी क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित करने के लिए एक निश्चित समय सीमा मांगी है। इसके साथ ही, इस विभाग के शिफ्ट होने के बाद खाली होने वाले कमरों के बेहतर उपयोग की योजना पेश करने के निर्देश भी दिए गए हैं और मुख्यमंत्री ने आर्थोपेडिक विभाग और सभी प्रमुख जांच सुविधाओं को ओपीडी के नजदीक स्थापित करने का प्लान बनाने को कहा है ताकि मरीजों को एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं मिल सकें।
मरम्मत और नवीनीकरण कार्यों की निगरानी
अस्पताल में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने सेंट्रल एयर कंडीशनिंग और अन्य मरम्मत व नवीनीकरण कार्यों की नियमित और प्रभावी निगरानी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इन सभी कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए ताकि अस्पताल के बुनियादी ढांचे में सुधार हो सके और मरीजों को बेहतर वातावरण में उपचार मिल सके।
