देश / कोविड-19 के लिए सहायक उपाय के तौर पर कोरोनिल के इस्तेमाल को दी गई अनुमति: सरकार

Zoom News : Jul 24, 2021, 08:59 AM
नई दिल्ली: कोविड के खिलाफ टीकाकरण अभियान की रफ्तार पर केंद्र की स्थिति की जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने दी। मांडविया ने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण की प्रक्रिया जारी है। यह नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फॉर कोविड-19 (नेगवैक) के दिशा-निर्देशों पर चल रही है। टीकाकरण वर्तमान वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वायरस और यह महामारी भी काफी गतिशील है। ऐसे में सटीक अनुमान लगा पाना कि टीकाकरण कब तक पूरा होगा, संभव नहीं है। 

टीका बर्बादी पर यह बोले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मांडविया

मांडविया ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में टीका बर्बादी के मामले सामने आए थे लेकिन कोविन पोर्टल के अनुसार एक वॉयल (शीशी) से टीके की अतिरिक्त खुराकें भी लगाई गई हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि किसी राज्य में वैक्सीन बर्बादी के आंकड़े तय करने के लिए कितनी खुराकें बर्बाद हुईं और वैक्सीन की शीशी से निर्धारित मात्रा से अधिकतम कितनी खुराकें निकाली गईं, इसे आधार बनाया जाता है।

उन्होंने बताया कि एक मई 2021 से 13 जुलाई 2021 के बीच कोरोना टीकों की कुल 2.49 लाख खुराकें बर्बाद हुईं। जबकि चिह्नित मात्रा के अतिरिक्त 41.12 लाख  अतिरिक्त खुराकें निकाली गईं। मांडविया ने कहा कि टीकों की कोई कमी नहीं है और केंद्र सरकार राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को नेगवैक की सिफारिश के आधार पर प्राथमिकता वाले लाभार्थियों के लिए कोरोना रोधी टीकों की लगातार मुफ्त आपूर्ति कर रही है।

नौ राज्यों में सक्रिय मामलों की संख्या 10 हजार से अधिक

देश के नौ राज्यों में अभी भी कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों की संख्या 10 हजार से अधिक है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इस समय कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करना बहुत जरूरी है क्योंकि इस महामारी की दूसरी लहर अभी समाप्त नहीं हुई है। इसलिए सार्वजनिक स्थानों पर मास्क जरूर पहनें और शारीरिक दूरी बनाए रखें। मंत्रालय ने आगाह किया कि छोटी लापरवाही भी बहुत भारी पड़ सकती है।

मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ जंग लंबी चलने वाली है और इसमें लापरवाही की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि मीडिया से जुड़े लोग टीकाकरण के प्रति सकारात्मक रिपोर्टिंग करके लोगों में इसके प्रति बनी गलत धारणाओं को खत्म करने का काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कंटेनमेंट और क्लीनिकल प्रबंधन पर ध्यान दिए जाने की वजह से ठीक होने दर बेहतर हुई है।

कोरोनिल: सहायक उपाय के रूप में उपयोग की स्वीकृति

पवार ने बताया कि उत्तराखंड राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने कोविड प्रबंधन में सहायक उपाय के तौर पर कोरोनिल के उपयोग को स्वीकृति दी है। इससे कोरोना के इलाज का दावा नहीं किया गया है और यह पैसला आयुष मंत्रालय की ओर से गठित समीक्षा समिति की सलाह के आधार पर लिया गया है। समिति ने दिव्य कोरोनिल टेबलेट का आयुष लाइसेंस इम्यूनिटी बूस्टर से कोविड की दवा के तौर पर अपडेट करने के लिए पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से दाखिल आवेदन की समीक्षा की और सलाह दी कि इसका इस्तेमाल कोविड प्रबंधन में सहायत उपाय के तौर पर किया जा सकता है।

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