Election Commission Of Rajasthan: राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार को पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. राजेश्वर सिंह को राज्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर नियुक्त करने के आदेश जारी किए। यह नियुक्ति मधुकर गुप्ता के राज्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यकाल पूरा होने के बाद हुई है। अब डॉ. राजेश्वर सिंह पर शहरी निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव करवाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
मधुकर गुप्ता का कार्यकाल और चुनाव की प्रक्रिया
मधुकर गुप्ता ने अपने कार्यकाल के दौरान हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए निकाय और पंचायत चुनाव जल्द करवाने की पैरवी की थी। इसके लिए वोटर लिस्ट अपडेट करने का कार्यक्रम भी शुरू किया गया था। हालांकि, बाद में हाईकोर्ट ने जल्द चुनाव करवाने की बाध्यता से छूट दे दी, जिससे प्रक्रिया में कुछ राहत मिली।
राजेश्वर सिंह का प्रशासनिक अनुभव
12 जुलाई 1964 को वाराणसी में जन्मे डॉ. राजेश्वर सिंह 1989 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने इतिहास में स्नातकोत्तर (एमए) की डिग्री हासिल की है। जुलाई 2024 में राजस्व मंडल (रेवेन्यू बोर्ड) के अध्यक्ष के पद से सेवानिवृत्त होने से पहले वे विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर रहे।
डॉ. सिंह का पंचायतीराज और ग्रामीण विकास में व्यापक अनुभव रहा है। वे पंचायतीराज और ग्रामीण विकास विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) रह चुके हैं और इंदिरा गांधी पंचायतीराज संस्थान में महानिदेशक (डीजी) के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा, वे जयपुर के संभागीय आयुक्त और कलेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्यरत रहे।
प्रमुख प्रशासनिक भूमिकाएं
जयपुर कलेक्टर: 23 जून 2005 से 23 मार्च 2007 तक जयपुर के कलेक्टर रहे।
जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए): 1998 से 1999 तक जेडीए के सचिव के रूप में कार्य किया।
संभागीय आयुक्त: जयपुर, भरतपुर और उदयपुर में संभागीय आयुक्त के रूप में सेवाएं दीं।
ग्रामीण विकास और पंचायतीराज: 3 दिसंबर 2019 से 20 अगस्त 2020 तक सचिन पायलट के डिप्टी सीएम रहते हुए उनके विभाग ग्रामीण विकास और पंचायतीराज में एसीएस रहे।
अन्य महत्वपूर्ण पद: जनजाति क्षेत्र विकास विभाग में एसीएस, रोडवेज चेयरमैन, परिवहन आयुक्त और प्रमुख सचिव जैसे पदों पर कार्य किया।
राजस्व मंडल अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल
डॉ. राजेश्वर सिंह ने जुलाई 2021 से जुलाई 2024 तक तीन वर्षों तक राजस्व मंडल, अजमेर के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया और यहीं से वे सेवानिवृत्त हुए। उनके इस लंबे और विविध प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उनकी नई भूमिका में महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद की जा रही है।
नई जिम्मेदारी और चुनौतियां
राज्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में डॉ. राजेश्वर सिंह के सामने शहरी निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को सुचारू और निष्पक्ष रूप से संपन्न करवाने की चुनौती होगी। उनके व्यापक अनुभव और प्रशासनिक कुशलता को देखते हुए यह अपेक्षा की जा रही है कि वे इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाएंगे।
