ज्वार के लड्डू: गर्मी में शरीर को मिलेगी तुरंत ताकत, नोट करें यह आसान रेसिपी

गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक और ऊर्जा प्रदान करने के लिए ज्वार के लड्डू एक बेहतरीन विकल्प हैं। ज्वार की ठंडी तासीर और मिश्री के गुणों से भरपूर यह रेसिपी न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि इसे बनाना भी बेहद आसान है। जानें इसे बनाने की पूरी विधि।

गर्मी के मौसम में अक्सर भारी और तैलीय भोजन करने से शरीर में भारीपन और पाचन संबंधी समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ और बड़े-बुजुर्ग हल्का और सुपाच्य भोजन करने की सलाह देते हैं और इसी संदर्भ में ज्वार के लड्डू एक बेहतरीन विकल्प के रूप में उभरते हैं। ज्वार की तासीर प्राकृतिक रूप से ठंडी होती है, जो तपती गर्मी में शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करती है। इन लड्डुओं की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें चीनी के बजाय मिश्री का उपयोग किया जाता है, जिसकी तासीर भी ठंडी होती है। इसके अलावा, इसमें विभिन्न प्रकार के ठंडी तासीर वाले बीजों का समावेश किया जाता है, जो इसे न केवल स्वादिष्ट बल्कि स्वास्थ्यवर्धक भी बनाते हैं। जब भी आपको दिन के समय हल्की भूख लगे या कुछ मीठा खाने की इच्छा हो, तो आप बेझिझक एक ज्वार का लड्डू खा सकते हैं। खास बात यह है कि इस रेसिपी में घी और मीठे का बहुत अधिक उपयोग नहीं किया गया है, जिससे यह सेहत के प्रति जागरूक लोगों के लिए भी उपयुक्त है।

तैयारी का पहला चरण: आटे का घोल बनाना

ज्वार के आटे के लड्डू बनाने की प्रक्रिया अत्यंत सरल है और इसे कुछ ही मिनटों में पूरा किया जा सकता है। सबसे पहले एक बड़ा बर्तन लें और उसमें 2 कप ज्वार का आटा छान लें। अब इस आटे में धीरे-धीरे डेढ़ कप दूध मिलाएं। दूध और आटे को अच्छी तरह फेंटते हुए एक स्मूद यानी चिकना घोल तैयार कर लें। ध्यान रहे कि घोल में किसी भी प्रकार की गुठलियां न रहें और जब घोल पूरी तरह से एकसार हो जाए, तो इसे लगभग 10 मिनट के लिए ढककर रख दें। यह रेस्टिंग पीरियड आटे को दूध सोखने और फूलने में मदद करता है, जिससे लड्डू का टेक्सचर काफी बेहतर आता है।

दूसरा चरण: भूनने की प्रक्रिया और बेसन का तड़का

अब गैस पर एक कड़ाही चढ़ाएं और उसमें 2 बड़े चम्मच शुद्ध देसी घी डालें। जब घी हल्का गर्म हो जाए, तो इसमें 2 बड़े चम्मच बेसन डालें। बेसन को धीमी आंच पर तब तक भूनें जब तक कि उसमें से सोंधी खुशबू न आने लगे और उसका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए। बेसन डालने से लड्डुओं का स्वाद और भी बढ़ जाता है। जैसे ही बेसन भुन जाए, इसमें पहले से तैयार किया गया ज्वार के आटे वाला घोल डाल दें। घोल डालते ही इसे लगातार चलाते रहें। आप देखेंगे कि आटा धीरे-धीरे गाढ़ा होने लगेगा। इस स्तर पर, मिश्रण को और अधिक भुरभुरा और खुशबूदार बनाने के लिए इसमें 2-3 चम्मच घी और मिलाएं। इसे तब तक भूनते रहें जब तक कि यह पूरी तरह से पक न जाए और इसमें से बेहतरीन खुशबू न आने लगे।

तीसरा चरण: ड्राई फ्रूट्स और बीजों का मिश्रण

जब ज्वार का आटा अच्छी तरह भुन जाए, तो गैस बंद कर दें और इस भुने हुए मिश्रण को एक अलग बड़े बर्तन या परात में निकाल लें। अब इसमें स्वाद और सुगंध के लिए आधा चम्मच पिसी हुई इलायची का पाउडर मिलाएं। इसके बाद, एक छोटे पैन में थोड़ा घी गर्म करें और उसमें ड्राई फ्रूट्स और बीजों को हल्का रोस्ट कर लें। इन बीजों में चिरौंजी, खरबूजे के बीज और कद्दू के बीज शामिल करें। साथ ही बारीक कटे हुए काजू, बादाम और किशमिश को भी घी में हल्का भूनकर मुख्य मिश्रण में मिला दें। ये मेवे और बीज लड्डुओं को एक क्रंची टेक्सचर प्रदान करते हैं और उनकी पौष्टिकता को कई गुना बढ़ा देते हैं।

अंतिम चरण: मिठास और लड्डू बांधना

मिश्रण में सभी सूखे मेवे और बीज मिलाने के बाद, अब बारी आती है मिठास की। इसके लिए 1 कप मिश्री का पाउडर लें और उसे मिश्रण में अच्छी तरह मिला दें। मिश्री का उपयोग इसे गर्मी के अनुकूल बनाता है और सभी सामग्रियों को हाथों या चम्मच की मदद से एकसार कर लें। जब मिश्रण हल्का गर्म हो, तभी इसके छोटे-छोटे लड्डू बांधना शुरू करें और यदि आपको लगे कि घी की मात्रा कम है और लड्डू सही से नहीं बंध पा रहे हैं, तो आप ऊपर से थोड़ा और पिघला हुआ घी डाल सकते हैं। तैयार हैं आपके स्वादिष्ट और सेहतमंद ज्वार के आटे के लड्डू। इन लड्डुओं को आप रोजाना खा सकते हैं और सबसे अच्छी बात यह है कि ये कई दिनों तक खराब नहीं होते हैं। आप इन्हें किसी एयरटाइट डिब्बे में भरकर रख सकते हैं और सफर के दौरान भी अपने साथ ले जा सकते हैं।