विश्व / पाकिस्तान की 'कमज़ोर नस' है कश्मीर: पाक पीएम इमरान खान

Zoom News : Sep 07, 2019, 07:27 AM

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शुक्रवार को कहा कि कश्मीर पाकिस्तान की “दुखती रग” है और इसके विशेष दर्जे को वापस लेने का भारत का फैसला देश की सुरक्षा एवं अखंडता को चुनौती देता है।

खान ने पाकिस्तान के ‘रक्षा एवं शहीद दिवस’ पर अपने संदेश में कहा कि उनकी सरकार ने वैश्विक राजधानियों और संयुक्त राष्ट्र में सक्रिय कूटनीतिक अभियान शुरू किया ताकि वैश्विक समुदाय को कश्मीर के बारे में बताया जा सके जिसका विशेष दर्जा भारत ने पांच अगस्त को खत्म कर दिया था।

भारत के साथ 1965 में हुए युद्ध की वर्षगांठ मनाने के लिए पाकिस्तान छह सितंबर को रक्षा एवं शहीद दिवस मनाता है।

खान ने कहा, “पाकिस्तान के लिए कश्मीर उसकी कमजोर नस है। उसके दर्जे में बदलाव करना पाकिस्तान की सुरक्षा एवं अखंडता को चुनौती देता है।”

उन्होंने कहा, “मैंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भारत के परमाणु जखीरे की सुरक्षा पर गंभीरता से विचार करने की भी अपील की...यह वह मुद्दा है जो दक्षिण एशियाई क्षेत्र को ही नहीं बल्कि पूरे विश्व को प्रभावित करता है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर वैश्विक समुदाय भारत के परमाणु जखीरे पर ध्यान देने में विफल रहता है तो वे “विनाशकारी परिणामों’’ के लिए जिम्मेदार होंगे।

खान ने कहा, “मैंने पूरी दुनिया से कहा है कि पाकिस्तान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन साथ ही पाकिस्तान उसकी सुरक्षा एवं अखंडता को दी जाने वाली चुनौतियों से बेपरवाह भी नहीं रह सकता।”

भारत और पाकिस्तान के बीच उस वक्त तनाव बढ़ गया था जब भारत ने जम्मू -कश्मीर को मिले विशेष दर्जे को पांच अगस्त को वापस ले लिया था और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था।

रावलपिंडी में जनरल मुख्यालय में हुए मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने कहा कि कश्मीर पाकिस्तान को संपूर्ण करने वाला “अधूरा एजेंडा” है।

उन्होंने कहा, “मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि कश्मीर पाकिस्तान को संपूर्णता प्रदान करने वाला अधूरा एजेंडा है। यह तब तक ऐसा रहेगा जब तक संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के मुताबिक इसका समाधान न हो जाए।”

बाजवा ने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी जंग जीत ली है और अब वह गरीबी एवं पिछड़ापन खत्म करने के लिए लड़ाई लड़ रहा है।

राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने अपने संदेश में कहा कि पाकिस्तान कश्मीर के लोगों का समर्थन जारी रखेगा और सभी स्तरों एवं मंचों पर इस मुद्दे को उठाएगा।

बाद में, प्रधानमंत्री खान और सेना प्रमुख ने नियंत्रण रेखा का दौरा किया और सैनिकों के साथ बातचीत की। रक्षा मंत्री परवेज खटक, विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी उनके साथ गए थे।