इंडिया / मारुति सुजुकी ने 2.93 लाख से 11.49 लाख रुपये की रेट वाली कारो में 5000 रुपये की कटौती की

Live Hindustan : Sep 25, 2019, 12:08 PM

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने चुनिंदा मॉडलों के दाम में पांच हजार रुपये की कटौती करने की बुधवार को घोषणा की। कंपनी ने एक बयान में कहा कि आल्टो 800, आल्टो के10, स्विफ्ट डीजल, सेलेरियो, बलेनो डीजल, इग्निस, डिजायर डीजल, टूर एस डीजल, विटारा ब्रिजा और एस क्रॉस के सभी संस्करणों के दाम कम किये गये हैं। ये मॉडल 2.93 लाख रुपये से 11.49 लाख रुपये के हैं।

नयी कीमतें देश भर में 25 सितंबर से प्रभावी होंगी। कंपनी ने कहा कि यह कटौती पहले से दिये जा रहे ऑफर के अतिरिक्त हैं। कंपनी ने कहा कि उसे इस कटौती से उपभोक्ताओं द्वारा खरीद बढ़ाने की उम्मीद है। इससे त्योहारी मौसम से पहले उपभोक्ताओं की धारणा को बल मिलेगा।

कॉरपोरेट टैक्स के बाद इस तरह से आम आदमी को राहत दे सकती है मोदी सरकार

मध्य वर्ग को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए सरकार अध्यादेश के माध्यम से दरों में कटौती कर सकती है। इस कदम से नौकरीपेशा वर्ग के लाखों लोगों को फायदा होगा, जिनका वेतन अर्थव्यवस्था में सुस्ती के कारण काफी कम बढ़ा है या बिलकुल नहीं बढ़ा है।

सिफारिशों के तहत, पांच लाख रुपये तक की कमाई वालों को आयकर से पूरी तरह छूट दी जा सकती है। फिलहाल यह छूट 2.5 लाख रुपये तक की आय वालों को उपलब्ध है। अभी पांच लाख तक की आय कर मुक्त है लेकिन इससे अधिक होने पर कर की गणना ढाई लाख से होती है।

पांच लाख रुपये से 10 लाख रुपये कमानेवालों के लिए कर की दर घटकर 10 फीसदी की जा सकती है। वहीं, 10 से 20 लाख रुपये सालाना कमाने वालों को 20 फीसदी कर देना होगा। कार्यबल की सिफारिशों में कहा गया है कि 20 लाख रुपये से दो करोड़ रुपये तक की आय पर 30 फीसदी और इससे अधिक आय पर 35 फीसदी आयकर लगाया जाना चाहिए। कार्यबल ने आयकर पर लगाए गए अभिभारों और उपकरों को हटाने का सुझाव दिया है।

टैक्स कनेक्ट के पार्टनर और सह-संस्थापक विवेक जालान का कहना है, “मांग बढ़ाने के लिए जरूरी है कि लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा आए। इससे उनकी खरीद की क्षमता बढ़ेगी।” वहीं, पीडब्ल्यूसी इंडिया के वरिष्ठ पार्टनर (टैक्स और रेगुलेटरी) राहुल गर्ग का कहना है, “व्यक्तिगत कर दरों में बदलाव की संभावना नहीं है। आम जनता के लिए पहले ही कर की दरें कम हैं।”