Noida Weather / नोएडा में कोहरे, ठंड और प्रदूषण का तिहरा वार: AQI गंभीर स्तर पर, येलो अलर्ट जारी

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में घने कोहरे, बढ़ती ठंड और गंभीर वायु प्रदूषण ने जनजीवन को प्रभावित किया है। AQI 450 के पार पहुंच गया है, जिससे स्वास्थ्य और यातायात पर बुरा असर पड़ रहा है। मौसम विभाग ने ठंड बढ़ने का अनुमान लगाया है, और प्रशासन ने येलो अलर्ट जारी कर सावधानी बरतने की अपील की है।

दिल्ली से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में इन दिनों मौसम का मिजाज काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है और बढ़ती सर्दी, घना कोहरा और बिगड़ती वायु गुणवत्ता (AQI) ने मिलकर नागरिकों के लिए एक गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। सुबह और देर रात के समय सड़कों पर दृश्यता इतनी कम हो जाती है कि वाहन चलाना बेहद मुश्किल हो जाता है, वहीं हवा में घुले जहरीले कण सांस लेना भी दूभर कर रहे हैं।

मौसम का बदलता मिजाज और घना कोहरा

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पिछले कुछ दिनों से ठंड लगातार बढ़ रही है और दिन के समय भी धूप कम निकलने और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। इसके साथ ही, सुबह और देर रात के समय घना कोहरा छा रहा है, जिससे सड़कों पर दृश्यता (विजिबिलिटी) 50 मीटर से भी कम रह जाती है। यह स्थिति विशेष रूप से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और शहर की प्रमुख सड़कों पर देखी। जा रही है, जहां वाहन चालकों को बेहद धीमी गति से चलने पर मजबूर होना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार से जिले में पछुआ हवाएं चलने की संभावना है, जिससे तापमान में और अधिक गिरावट आएगी और ठंड का प्रकोप बढ़ेगा।

प्रदूषण का गंभीर स्तर और स्वास्थ्य पर असर

ठंड और कोहरे के साथ-साथ वायु प्रदूषण भी चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण प्रदूषक कण हवा में नीचे ही जमा। हो रहे हैं, जिससे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार खराब बना हुआ है। वर्तमान में नोएडा में AQI लगभग 430 से 450 के बीच दर्ज। किया गया है, जिसे ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है। वहीं, ग्रेटर नोएडा में AQI 450 से भी ऊपर पहुंच चुका है, जो ‘गंभीर’ स्थिति को दर्शाता है और इस स्तर की हवा स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक मानी जाती है।

बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष खतरा

खराब AQI का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर पड़ रहा है। हवा में मौजूद महीन कण फेफड़ों में प्रवेश कर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं। लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ और सिर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि इस दौरान सुबह और शाम के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो उच्च गुणवत्ता वाले मास्क का उपयोग अवश्य करें। पर्याप्त पानी पीने और पौष्टिक आहार लेने की भी सलाह। दी गई है ताकि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे।

यातायात पर गहरा प्रभाव और सुरक्षा उपाय

घने कोहरे के कारण यातायात पर भी गहरा असर पड़ा है। सड़कों पर कम दृश्यता के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। वाहन चालकों को अपनी गाड़ियों की हेडलाइट और फॉग लाइट का उपयोग करने, सुरक्षित दूरी बनाए रखने और गति सीमा का पालन करने की सलाह दी गई है और जिला प्रशासन और यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और यदि यात्रा करनी ही पड़े तो पूरी सावधानी बरतें। सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना भी एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।

प्रशासन की सक्रियता और येलो अलर्ट

गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन ने घने कोहरे और बिगड़ते मौसम को देखते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी सहयोग करने और मौसम व प्रदूषण को लेकर जारी निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है और यह भी बताया गया है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं, जिसमें निर्माण गतिविधियों पर रोक या स्कूलों को बंद करना जैसे उपाय शामिल हो सकते हैं। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय समाचारों और मौसम। अपडेट पर ध्यान दें और अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

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