केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। सासाराम में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, सिंह ने राहुल गांधी से 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर झूठ फैलाना बंद करने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि राहुल गांधी के पास अपने दावों का समर्थन करने के लिए कोई ठोस सबूत है, तो उन्हें इसे निर्वाचन आयोग के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए और औपचारिक शिकायत दर्ज करनी चाहिए, बजाय इसके कि वे निराधार आरोप लगाकर जनता को गुमराह करें।
राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर मुद्दों की कमी का आरोप लगाया और उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पास अब वास्तविक मुद्दों पर बात करने के लिए कुछ नहीं बचा है, इसलिए वे ऐसे निराधार आरोप लगाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। सिंह ने इस तरह की राजनीति को सकारात्मक राजनीति का संकेत नहीं। माना, जो देश के लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए हानिकारक हो सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में तथ्यों और सबूतों के आधार पर बात होनी चाहिए, न कि केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति।
कांग्रेस की विभाजनकारी राजनीति पर हमला
रक्षा मंत्री ने कांग्रेस पार्टी की राजनीति की कड़ी आलोचना की, आरोप लगाया कि वह जाति, पंथ और धर्म के नाम पर लोगों में फूट डालती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह रवैया देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा है। राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की राजनीति को विभाजनकारी एजेंडे से ऊपर उठकर विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी विभाजनकारी नीतियां समाज में वैमनस्य पैदा करती हैं और प्रगति में बाधा डालती हैं।
'ऑपरेशन सिंदूर' की सराहना
राजनाथ सिंह ने भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता के लिए उनकी जमकर सराहना की। यह अभियान पहलगाम आतंकी हमले के बाद एक प्रतिघाती कार्रवाई थी, जिसमें अप्रैल में 26 लोग मारे गए थे और सिंह ने कहा कि भारतीय सेना ने आतंकवादियों के ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है और यह सुनिश्चित किया है कि भारत पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' को रोका गया है, बंद नहीं किया गया है, और यदि आतंकवादी फिर से भारत पर हमला करने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें और भी कड़े तरीके से जवाब दिया जाएगा।
आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई
रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय सैनिकों ने आतंकवादियों को उनके धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि उनके कर्मों के आधार पर मारा है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता और जो भी देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। यह बयान भारत की आतंकवाद विरोधी नीति को रेखांकित करता है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है और किसी भी प्रकार के आतंकी कृत्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है।
रक्षा सेवाओं में आरक्षण पर कांग्रेस पर निशाना
राहुल गांधी द्वारा रक्षा सेवाओं में आरक्षण से जुड़े बयान पर। प्रतिक्रिया देते हुए, राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि रक्षा बल इन सब चीजों से ऊपर हैं और उन्हें राजनीतिक बयानबाजी में नहीं घसीटा जाना चाहिए। सिंह ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि 'डायन' भी एक घर छोड़ देती है, लेकिन कांग्रेस ने राजनीति में ऐसी मर्यादा भी नहीं छोड़ी है। यह टिप्पणी कांग्रेस द्वारा रक्षा बलों को राजनीतिक बहस में शामिल करने के प्रयासों की निंदा करती है।
NDA सरकार का एजेंडा: सुरक्षा, विकास और विश्वास
राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार के मूल सिद्धांतों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि NDA सरकार देश की सुरक्षा, विकास और जनता के विश्वास पर आधारित है। इसके विपरीत, उन्होंने विपक्ष पर केवल झूठे आरोपों और विभाजनकारी राजनीति में विश्वास करने का आरोप लगाया। सिंह ने कहा कि NDA का लक्ष्य एक मजबूत, सुरक्षित और समृद्ध भारत का निर्माण करना है, जहां सभी नागरिक बिना किसी भेदभाव के प्रगति कर सकें और देश की प्रगति में योगदान दे सकें।
