भारतीय तैराकी के चमकते सितारे श्रीहरि नटराज ने ग्लासगो में आयोजित किए जा रहे राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों की 50 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। दो बार के ओलंपियन और कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले नटराज को अपनी हीट में पांचवें स्थान पर रहने के बाद थोड़े तनावपूर्ण इंतजार का सामना करना पड़ा। 52 सेकंड का समय निकाला और बरमूडा के तैराक जैक हार्वे के साथ संयुक्त रूप से 14वें स्थान पर रहे। यह प्रदर्शन उन्हें 16 तैराकों की सेमीफाइनल सूची में शामिल करने के लिए पर्याप्त साबित हुआ, जिससे स्कॉटलैंड में पहले दिन उनका अभियान सफलतापूर्वक जारी रहा।
भारतीय तैराकी टीम के मुख्य स्तंभ हैं नटराज
श्रीहरि नटराज भारतीय तैराकी दल के सबसे अनुभवी और मुख्य तैराक के रूप में ग्लासगो पहुंचे हैं। इससे पहले वे गोल्ड कोस्ट 2018 और बर्मिंघम 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। बर्मिंघम खेलों के दौरान उन्होंने एक नया इतिहास रचा था जब वे एक ही खेलों में कई व्यक्तिगत फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय तैराक बने थे। 52 सेकंड का समय उनके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से थोड़ा पीछे था, लेकिन उनकी इस प्रगति ने शाम के सेमीफाइनल सत्र में भारत की पदक की दावेदारी को मजबूती से बरकरार रखा है।
पैरा-तैराकी में भारत को मिली बड़ी सफलता
ग्लासगो में चल रहे इन खेलों में भारत के पैरा-तैराकी दल के लिए भी सुबह का सत्र काफी उत्साहजनक और उत्पादक रहा। के. बुदिगिना और इमाम अली ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल S13 श्रेणी के फाइनल में अपना स्थान सुरक्षित कर लिया है। आपको बता दें कि S13 श्रेणी विशेष रूप से उन एथलीटों के लिए तैयार की गई है जो दृष्टिबाधित हैं। इन दोनों खिलाड़ियों की सफलता ने भारतीय खेमे में खुशी की लहर दौड़ दी है और अब सबकी नजरें फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं।
बुदिगिना ने फाइनल के लिए हासिल की मजबूत लेन
100 मीटर फ्रीस्टाइल S13 स्पर्धा में कुल आठ प्रतिस्पर्धी शामिल थे। इस संख्या के कारण हीट का मुख्य उद्देश्य तैराकों को प्रतियोगिता से बाहर करना नहीं था, बल्कि फाइनल की पदक दौड़ के लिए लेन आवंटित करना था। 10 सेकंड का शानदार समय निकाला। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने अपनी हीट और ओवरऑल सूची में तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस रैंकिंग का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि उन्हें फाइनल मुकाबले के लिए एक मजबूत मध्य-लेन आवंटित की गई है, जो तैराकी में रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इमाम अली भी पदक की दौड़ में हुए शामिल
बुदिगिना के साथी तैराक इमाम अली को अपनी हीट के दौरान कठिन चुनौती का सामना करना पड़ा। 32 सेकंड के समय के साथ पूरा किया, जिसके कारण वे रैंकिंग में सबसे अंतिम स्थान पर रहे। हालांकि, प्रतियोगिता के विशेष नियमों के अनुसार, इस स्पर्धा के सभी आठ प्रतिभागियों को सीधे फाइनल यानी शोपीस इवेंट में प्रवेश दिया जाना था। इसी नियम के चलते इमाम अली भी बुदिगिना के साथ पदक की दावेदारी वाली अंतिम सूची में शामिल होने में सफल रहे। अब ये दोनों भारतीय पैरा-तैराक फाइनल में भारत के लिए पदक जीतने के इरादे से उतरेंगे।
