ईरान ने ठुकराया अमेरिका का 14-सूत्रीय प्रस्ताव, भड़के ट्रंप; तेल की कीमतें बढ़ीं

ईरान ने अमेरिका के 14-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इस कूटनीतिक गतिरोध के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 3 डॉलर प्रति बैरल की वृद्धि हुई है। पाकिस्तान इस मामले में मध्यस्थता कर रहा है।

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने की कोशिशों को एक बड़ा झटका लगा है। ईरान ने रविवार को अमेरिका के 14 पॉइंट वाले प्रस्ताव का जवाब दिया, जिसे अमेरिका ने 6 मई को भेजा था। ईरान के सरकारी टीवी के मुताबिक, तेहरान ने अपने जवाब में कहा है कि युद्ध हर मोर्चे पर खत्म होना चाहिए। ईरान ने खास तौर पर लेबनान की स्थिति और होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही का मुद्दा उठाया है। ईरान का स्पष्ट कहना है कि अमेरिका की मांगें जरूरत से ज्यादा हैं।

ट्रंप की प्रतिक्रिया और तेल बाजार पर प्रभाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की तरफ से आए जवाब को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि उन्हें यह बिल्कुल पसंद नहीं आया और इसे किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जा सकता। दोनों देशों के बीच किसी भी सहमति के न बनने के बाद रविवार को कच्चे तेल की कीमत करीब 3 डॉलर प्रति बैरल बढ़ गई। करीब 10 हफ्तों से जारी इस संघर्ष ने ईरान और लेबनान में भारी नुकसान पहुंचाया है। वहीं होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर दुनियाभर के तेल बाजार पर पड़ा है और कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।

ईरान की शर्तें और मुआवजे की मांग

ईरान ने अपने जवाब में युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा भी मांगा है और इसके साथ ही उसने होर्मुज स्ट्रेट पर अपने संप्रभु अधिकार की बात दोहराई है। ईरान की समाचार एजेंसी 'तस्नीम' के अनुसार, तेहरान ने अमेरिका से मांग की है कि वह अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को तुरंत खत्म करे और भविष्य में कोई हमला न करने की लिखित गारंटी दे और इसके अलावा, ईरान ने अपने ऊपर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने और ईरानी तेल की बिक्री पर लगी रोक को खत्म करने की शर्त रखी है।

परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही

दूसरी तरफ, अमेरिका की प्राथमिकता यह थी कि पहले लड़ाई पूरी तरह बंद हो और उसके बाद परमाणु कार्यक्रम जैसे बड़े मुद्दों पर बातचीत शुरू की जाए और अमेरिकी अखबार 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि ईरान ने अपने संवर्धित यूरेनियम के कुछ हिस्से को कम करने और बाकी हिस्से को किसी तीसरे देश भेजने का प्रस्ताव दिया है। इसी बीच, कतर एनर्जी का LNG जहाज 'अल खरैतियात' सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार करके पाकिस्तान के पोर्ट कासिम पहुंच गया। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद यह कतर का पहला गैस जहाज था जिसने इस रास्ते से यात्रा की। सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने पाकिस्तान और कतर के साथ भरोसा बढ़ाने के लिए इस जहाज को गुजरने की अनुमति दी और इसके अलावा पनामा का एक मालवाहक जहाज भी ईरानी सेना द्वारा तय रास्ते से सुरक्षित निकल गया।

पाकिस्तान की मध्यस्थता और वर्तमान स्थिति

इस पूरे कूटनीतिक मामले में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। एक पाकिस्तानी अधिकारी ने पुष्टि की है कि ईरान का जवाब अमेरिका तक पहुंचाने का काम पाकिस्तान ने ही किया है और गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल को सीजफायर लागू हुआ था, लेकिन ताजा घटनाक्रमों के बाद इलाके में तनाव अभी भी गंभीर रूप से बना हुआ है।