ममता कुलकर्णी किन्नर अखाड़े से बाहर: शंकराचार्य को कहा था 'झूठा', अब गिरी गाज

पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और अन्य संतों पर विवादित टिप्पणी के बाद अखाड़े ने यह कड़ा फैसला लिया।

बॉलीवुड की पूर्व अभिनेत्री और हाल ही में संन्यास की राह पर चलीं ममता कुलकर्णी एक बार फिर बड़े विवादों के केंद्र में हैं। प्रयागराज महाकुंभ 2025 के दौरान 'यामाई ममता नंद गिरि' के नाम से महामंडलेश्वर बनीं ममता कुलकर्णी को अब किन्नर अखाड़े से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। अखाड़े की प्रमुख महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने एक आधिकारिक वीडियो जारी कर इस निष्कासन की पुष्टि की है। यह फैसला ममता कुलकर्णी द्वारा हिंदू धर्म के शीर्ष संतों और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ की गई तीखी टिप्पणियों के बाद लिया गया है।

अखाड़े का आधिकारिक बयान और निष्कासन की वजह

किन्नर अखाड़े की प्रमुख लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि अखाड़े के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि अब ममता कुलकर्णी का अखाड़े से कोई औपचारिक या अनौपचारिक संबंध नहीं है और अखाड़े ने यह कदम शांति बनाए रखने और विवादों से बचने के लिए उठाया है। लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने मौनी अमावस्या के दिन बटुक ब्राह्मणों के साथ हुई मारपीट की घटना पर भी नाराजगी जताई और कहा कि अखाड़ा किसी भी तरह की हिंसा या विवाद का समर्थन नहीं करता है।

शंकराचार्य और महामंडलेश्वरों पर ममता का हमला

विवाद की शुरुआत तब हुई जब 25 जनवरी को ममता कुलकर्णी ने एक बयान में कहा कि 10 में से 9 महामंडलेश्वर और तथाकथित शंकराचार्य झूठे हैं। उन्होंने दावा किया कि इन लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान शून्य है। ममता ने सीधे तौर पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की नियुक्ति पर। सवाल उठाए और पूछा कि उन्हें इस पद पर किसने बैठाया? उन्होंने यह भी सवाल किया कि करोड़ों की भीड़ में पालकी। लेकर निकलने की क्या आवश्यकता थी, जिससे आम श्रद्धालुओं को असुविधा हुई।

टीना मां का कड़ा रुख और अखाड़े में फूट

ममता कुलकर्णी के निष्कासन के बाद सनातनी किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी, जिन्हें टीना मां के नाम से जाना जाता है, ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वे शुरू से ही ममता कुलकर्णी को अखाड़े में शामिल करने के खिलाफ थीं और टीना मां ने स्पष्ट किया कि गलत लोगों को अखाड़े में जगह देने से पहले विचार किया जाना चाहिए था। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब बहुत देर हो चुकी। है और वे कभी भी पुराने किन्नर अखाड़े में वापस नहीं जाएंगी।

राजनीति और धर्म पर ममता के विवादित बोल

ममता कुलकर्णी ने केवल धार्मिक गुरुओं पर ही नहीं, बल्कि राजनीतिक हस्तियों पर भी निशाना साधा था। उन्होंने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से पूछा था कि क्या वे गोहत्या रोकने का ठोस आश्वासन दे सकते हैं? वहीं दूसरी ओर, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी के अलावा देश के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। ममता ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को राहुल गांधी से अधिक सक्षम बताया था और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जीत को 'महाकाली की शक्ति' का परिणाम करार दिया था।

बॉलीवुड से संन्यास और विवादों का पुराना नाता

ममता कुलकर्णी का जीवन हमेशा से ही विवादों से घिरा रहा है। 90 के दशक में 'करण अर्जुन' और 'बाजी' जैसी फिल्मों से शोहरत पाने वाली ममता ने 1993 में एक मैगजीन के लिए टॉपलेस फोटोशूट कराकर तहलका मचा दिया था। इसके बाद उनका नाम अंडरवर्ल्ड ड्रग माफिया विक्की गोस्वामी से जुड़ा और हालांकि, 2013 में उन्होंने 'ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगिनी' लिखकर सबको चौंका दिया और दावा किया कि वे अब अध्यात्म की राह पर हैं। महाकुंभ 2025 में उनकी अचानक एंट्री और फिर महामंडलेश्वर पद से निष्कासन ने उनके जीवन के एक और विवादास्पद अध्याय को जन्म दे दिया है।

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