कोटा / निजामुद्दीन जनशताब्दी ट्रेन के एसी कोच में आग, चेन पुलिंग कर यात्रियों ने बचाई जान, बड़ा हादसा टला

Dainik Bhaskar : Jul 15, 2019, 01:00 PM

कोटा. कोटा-निजामुद्दीन जनशताब्दी ट्रेन के एसी कोच में रविवार सुबह आग लग गई। इससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घबराए यात्रियों ने चेन पुलिंग कर नीचे उतरकर जान बचाई। हालांकि रेल कर्मचारियों ने आग पर तुरंत काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। ट्रेन लगभग एक घंटे अटकी रही। कोटा से निजामुद्दीन जाने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस कोटा से रविवार सुबह रवाना हुई थी।

श्री महावीरजी रेलवे स्टेशन के आउटर पर ट्रेन के एसी कोच सी-2 में पेंट्री का सामान रखने के काम आने वाले हाॅट केस से धुआं निकलने लगा। धुआं कोच में भर गया। हाॅट केस से आग निकलने लगी। इससे यात्री कोच में इधर-उधर भागने लगे। ट्रेन भीमगंजमंडी निवासी राजकुमार यादव भी सवार थे। उन्हें निजामुद्दीन होते हुए गुवाहाटी जाना था। वे सेना में है। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारण चेन पुलिंग कर ट्रेन राेकी गई। यात्री कोच से नीचे उतर गए। ट्रेन में तैनात कर्मचारियों ने फायर इंस्टीग्यूशर से आग पर काबू पाया। ट्रेन 25 मिनट तक वहीं रुकी रही। बाद में ट्रेन श्रीमहावीरजी रेलवे स्टेशन पर रुकी।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कोच में लगे हाॅट केस में धुआं निकलने लगा था। इसका प्रारंभिक कारण शाॅर्ट सर्किट माना जा रहा है। वहीं, सीनियर डीसीएम विजय प्रकाश ने बताया कि जनशताब्दी एक्सप्रेस में आग लगने की घटना की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी में मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, ऑपरेटिंग, काॅमर्शियल व आईआरसीटीसी के सुपरवाइजर्स शामिल हैं।

दो दिन पहले भी लगी थी ट्रेन में आग

कोटा-निजामुद्दीन जनशताब्दी एक्सप्रेस में आग लगने से दो दिन पहले निजामुद्दीन-पुणे दर्शन एक्सप्रेस के बी-10 एसी कोच में पहिये के पास लगी बैटरी में से धुआं निकलने के बाद आग लग गई थी। ये घटना फरीदाबाद रेलवे स्टेशन के अाउटर पर हुई थी। यात्रियों में अफरा तफरी मच गई थी। इस घटना में भी यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका था। यात्री कोच से नीचे उतर गए थे। इमरजेंसी खिड़की तोड़कर सामान बाहर निकाला गया था। ट्रेन को पहले दूसरा कोच आने के इंतजार में खड़ा किया गया। बाद में मथुरा तक ट्रेन में ही उस कोच को ले जाया गया था। मथुरा में कैरिज एंड वैगन विभाग के कर्मचारियों ने इमरजेंसी खिड़की को प्लाईवुड लगाकर बंद कर दिया था। ट्रेन को अागे रवाना कर दिया था। ट्रेन तीन घंटे फरीदाबाद में ही अटकी रही थी। बाद में ट्रेन को मथुरा में लगभग 50 मिनट रुकी रही। कोटा में ट्रेन लगभग ढाई घंटे लेट पहुंची थी।