- 15-Jan-2020 11:56 AM IST
- (, अपडेटेड 16-Jan-2020 05:01 PM IST)
| कॅटगरी | ड्रामा,संगीत |
| निर्देशक | जोया अख्तर |
| कलाकार | आलिया भट्ट,रणवीर सिंह |
| रेटिंग | 3.5/5 |
| निर्माता | जोया अख्तर,फरहान अख्तर |
| संगीतकार | क्षर कले |
| प्रोडक्शन कंपनी | एक्सेल एंटरटेनमेंट टाइगर बेबी फिल्म्स |
| रिलीज़ दिनांक | 14-Feb-2019 |
| अवधि | 02:13:00 |
इस साल आपके लिए एक ऐसा सरप्राइज है जो पहली लाइन में ही मस्ट वॉच फिल्म कह देने की हकदार है। ये फिल्म उन सभी के लिए है जो कहीं न कहीं अपने सपनों को पूरा करने के लिए अगर सौ प्रतिशत नहीं दे रहे हैं तो समझ लीजिए कि अब उनका टाइम आ गया है। वो इस फिल्म से ऐसे प्रेरित होंगे कि पिछली सीट पर पड़े उनके सपने ड्राइविंग सीट पर आ जाएंगे, क्योंकि हर वक्त उनके दिमाग में अपने सपनों को पूरा करने की ऐसी ललक जागेगी कि वो उसे 100 प्रतिशत देकर पूरा करने को बेताब हो उठेंगे। ऐसी जबरदस्त मोटिवेशनल स्टोरी है फिल्म ज़ोया अख्तर की गली बॉय।
मुराद की ‘मुराद’ पूरी होने की 'गली बॉय' की स्टोरी
फिल्म का कहानी वैसे तो मुंबई के रैपर डिवाइन की रीयल लाइफ से प्रेरित है, जिसके फिल्मी किरदार का नाम है मुराद। जिसे रणवीर सिंह ने इतनी शिद्दत से अदा किया है जिसे देखकर आप उनकी पिछली फिल्मों की एक्टिंग को भूल जाएंगे। बस नया मुराद आपके जेहन में बस जाएगा। मुराद मुंबई की झुग्गी बस्ती धारावी में रहता है। लोअर मिडिल क्लास का मुराद अपने पिता के सपनों को पूरा करने के बोझ के तले दबा है, लोग उसे ताने भी मारते हैं लेकिन मुराद को अपने टैलेंट पर इतना भरोसा है कि वो उन तानों का जवाब देता है ‘अपना टाइम आएगा’ गाकर। उसे साथ मिलता है सैफीना यानी आलिया भट्ट और शेर यानी सिद्धांत चतुर्वेदी का। जिनकी एक्टिंग के कायल हुए बिना आप इस फिल्म में नहीं रह पाएंगे। मुराद कैसे अपने रैपन बनने के सपने को पूरा करता है ये इस फिल्म की कहानी है जिसके उतार-चढ़ाव देखने के लिए आपको शत प्रतिशत थिएटर का रुख करना चाहिए।
रणवीर-आलिया की धमाकेदार एक्टिंग
हर फिल्म से रणवीर सिंह में एक नया एक्टर आपको देखने को मिल रहा है। रणवीर सिंह ने मुराद के रोल को फिल्म में ऐसा जिया है कि आप लंबे वक्त तक उन्हें भूल नहीं पाएंगे। जितने रंग उनकी एक्टिंग के हैं उनमें मुराद का तमगा सोने की तरह चमकने वाला है।
आलिया भट्ट को हालांकि इस फिल्म में सेंट्रल कैरेक्टर नहीं मिला है लेकिन आलिया को अब अच्छी तरह पता चल गया है कि हिट का हिस्सा उन्हें कैसे बनना है और वहां पर भी खुद की तारीफ कैसे करवानी है। सैफीना के रोल में आलिया ने जितना भी काम मिला है उसे पूरी शिद्दत से निभाया है। सिद्धांत चतुर्वेदी ने शेर के रोल में धमाका कर दिया है उनकी टक्कर सीधे रणवीर सिंह से थी जिसमें कई बार सिद्धांत को देखकर आप उन्हें रणवीर से आगे पाएंगे।
ज़ोया अख्तर के डायरेक्शन ने जीता दिलजिंदगी न मिलेगी दोबारा, लक बाय चांस और दिल धड़कने दो जैसी फिल्में बना चुकी ज़ोया ने इस फिल्म से बॉलीवुड में ऐसी वापसी की है जिससे उन्हें इस बार बेस्ट डायरेक्टर की ट्रॉफी घर ले जाने का मौका मिल जाए तो आश्चर्य मत कीजिएगा। इस फिल्म के हर डिपार्टमेंट के साथ जोया ने पूरा न्याय किया है। वो इस तरह की फिल्मों की डायरेक्टर नहीं हैं लेकिन फिल्म से उनकी पकड़ नहीं भी ढीली नहीं होती है। ऐसे मूमेंट फिल्म में न के बराबर हैं जब आपको लगने लगे कि फिल्म में क्या चल रहा है। 18 गानों को फिल्म में ऐसा पिरोया गया है कि आपको फिल्म बिल्कुल भी बोझिल नहीं लगती है ये क्राफ्ट का कमाल ज़ोया अख्तर का है।












